मंगलवार, 3 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

बजाजनगर में संजय ट्रैवल्स की बस की टक्कर से साइकिल सवार इंजीनियर सर्वेश करोलिकर की मौत

बजाजनगर में संजय ट्रैवल्स की बस की टक्कर से साइकिल सवार इंजीनियर सर्वेश करोलिकर की मौत तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

VNIT के पूर्व टॉपर 34 साल के सर्वेश करोलिकर ने इलाज के दौरान दम तोड़ा। बस चालक पर मौके से फरार होने का आरोप है।

नागपुर में एक बस की टक्कर ने एक होनहार इंजीनियर की जान ले ली, जिससे शहर में हड़कंप है। मृतक का नाम सर्वेश करोलिकर है। उनकी उम्र 34 साल थी और वे VNIT में इंजीनियरिंग के पूर्व टॉपर रहे थे। उनकी मौत के बाद संजय ट्रैवल्स की बसों की सुरक्षा का सवाल एक बार फिर उठ खड़ा हुआ है।

हादसा 26 अक्टूबर की सुबह करीब साढ़े दस बजे बजाजनगर इलाके में RPTS रोड पर असली कॉफी कैफे के पास हुआ। सर्वेश उस वक्त साइकिल से जा रहे थे। तभी मध्य प्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर MP-20-ZV-0651 वाली संजय ट्रैवल्स की बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर में वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायल सर्वेश को पहले स्वास्थ्यम अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में आगे के इलाज के लिए विवेकानंद अस्पताल ले जाया गया। वहीं इलाज के दौरान सोमवार को उनकी मौत हो गई। आरोप है कि हादसे के बाद बस चालक मौके से भाग गया। इस मामले में बजाजनगर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 जोड़ी है।

बताया गया है कि संजय ट्रैवल्स की बस से जुड़ा यह पहला हादसा नहीं है। इससे पहले 9 सितंबर को नागपुर के वैष्णोदेवी चौक पर इसी कंपनी की एक बस ने दोपहिया वाहन को टक्कर मारी थी। उस हादसे में एक महिला और उसकी चार साल की बेटी गंभीर रूप से घायल हुई थीं।

उससे भी पहले, 4 जून को समृद्धी महामार्ग पर नागपुर से पुणे जा रही संजय ट्रैवल्स की बस एक टिपर से टकरा गई थी। उस दुर्घटना में 19 यात्री घायल हुए थे। इनमें से चार की हालत गंभीर बताई गई थी।

एक के बाद एक सामने आ रहे इन हादसों से बसों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पूछा जा रहा है कि क्या बसों की तकनीकी जांच नियमित होती है। क्या ड्राइवरों के काम के घंटों और उनकी सतर्कता पर कोई नजर रखी जाती है। फिटनेस सर्टिफिकेट और ट्रैफिक नियमों का पालन कितनी सख्ती से होता है। इन सवालों के जवाब मिलना जरूरी बताया जा रहा है।

सर्वेश की मौत से एक परिवार का सहारा छिन गया है। इसलिए मांग उठ रही है कि मामले को सिर्फ एक हादसा मानकर न छोड़ा जाए। संबंधित बस की तकनीकी जांच हो, पिछले हादसों का रिकॉर्ड देखा जाए और ड्राइवरों की भूमिका की गहराई से पड़ताल की जाए। सवाल यह भी है कि प्राइवेट बस कंपनियों की लापरवाही की जिम्मेदारी तय होगी या नहीं, और आगे ऐसे हादसे रोकने के लिए प्रशासन ठोस कदम उठाएगा या नहीं।

#नागपुर#जुर्म#PT24#Crime#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे