स्पेन में ट्रेन हादसे के बाद माद्रिद में हंगामा, पीएम और परिवहन मंत्री से इस्तीफे की मांग
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स्पेन में दो हाईस्पीड ट्रेनों की भिड़ंत में 68 लोगों की मौत के बाद माद्रिद में बुधवार रात सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। पुलिस पर बोतलें और पटाखे फेंके गए, जवाब में पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी।
स्पेन में दो हाईस्पीड ट्रेनों के भीषण हादसे में 68 लोगों की मौत की खबर आने के बाद सरकार के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा है। बुधवार रात माद्रिद में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बोतलें और पटाखे फेंके। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और भीड़ को तितर-बितर कर दिया।
माद्रिद में एक हजार से ज्यादा लोगों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, यह जानकारी स्पेन की न्यूज एजेंसी ईएफई के हवाले से सामने आई है। यह प्रदर्शन दक्षिणपंथी संगठनों की अगुवाई में हुआ। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि रेलवे की सुरक्षा की जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज और परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते से इस्तीफे की मांग की। कुछ प्रदर्शनकारियों ने परिवहन मंत्री के खिलाफ तीखी नारेबाजी भी की।
इस प्रदर्शन का आयोजन दक्षिणपंथी पार्टी फालांज और रेवुएल्टा जैसे संगठनों ने किया था। इसके अलावा वॉक्स से जुड़े संगठन सोलिदारिदाद ने अलग से प्रदर्शन किया।
तनाव तब बढ़ा जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की तरफ खाली बोतलें और पटाखे फेंके। आखिर में पुलिस ने हल्का बल इस्तेमाल करके भीड़ को हटाया।
यह हादसा बुधवार सुबह माद्रिद के दक्षिण में उर्दा शहर के पास हुआ। स्पेन के सरकारी प्रसारक आरटीवीई के मुताबिक, सरकारी रेल कंपनी रेनफे की एक ट्रेन निजी कंपनी इर्यो की पटरियों पर खड़ी ट्रेन से टकरा गई। इस हादसे में 68 लोगों की जान गई और 180 से ज्यादा लोग घायल हुए।
हाईस्पीड ट्रेनें 200 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा रफ्तार से चलती हैं, इसलिए टक्कर बेहद भयानक थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रेलवे की सुरक्षा प्रणाली में खराबी की आशंका जताई गई है। खबर यह भी है कि इसके बाद कंट्रोल सेंटर ने एक ट्रेन को दोबारा चलने की इजाजत दे दी, जिससे हादसा हुआ। हालांकि हादसे की असली वजह आधिकारिक जांच के बाद ही साफ होगी।
स्पेन में इससे पहले जनवरी में अडामूज के पास भी ट्रेन हादसा हुआ था, जिसमें 46 लोगों की मौत हुई थी। इसी वजह से ताजा हादसे के बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि हादसे की जिम्मेदारी तय की जाए और यात्रियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
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