सोम‌वार, 19 अक्टूबर 2026

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17:09 IST

महाराष्ट्र भर में ठेकेदार सड़क पर, 86 हजार करोड़ रुपये के बकाया भुगतान की मांग

महाराष्ट्र राज्य कंत्राटदार महासंघ के आह्वान पर ठेकेदारों ने सभी जिलाधिकारी कार्यालयों पर आंदोलन किया।

महाराष्ट्र भर में ठेकेदार सड़क पर, 86 हजार करोड़ रुपये के बकाया भुगतान की मांग तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

महाराष्ट्र के ठेकेदारों ने आज पूरे राज्य में आंदोलन की घोषणा की है। अलग-अलग विभागों के करीब 86 हजार करोड़ रुपये के बिल अटके पड़े हैं। इसी को लेकर ठेकेदार सभी जिलाधिकारी कार्यालयों पर बड़ा प्रदर्शन कर रहे हैं।

महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार महासंघ ने सरकार के सामने आक्रामक रुख अपनाया है। महासंघ का दावा है कि पैसे अटकने की आर्थिक तंगी के चलते 9 ठेकेदारों ने आत्महत्या कर ली। उसकी मांग है कि सरकार इस मामले में फौरन फैसला ले।

राज्य शासकीय ठेकेदार संगठन के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने कहा कि पिछले दस महीनों में उनके 09 ठेकेदार मज़दूरों ने आत्महत्या की है। इन सब बातों के विरोध में सभी जिलाधिकारी कार्यालयों पर आंदोलन किया जा रहा है।

खबर के मुताबिक पिछले तीन साल से राज्य के सार्वजनिक निर्माण विभाग, जल जीवन मिशन जैसे विभागों के सरकारी ठेकेदारों की करीब 96 हजार करोड़ रुपये की रकम बकाया है। इसी वजह से पिछले दस महीनों में नौ ठेकेदारों ने जान दी है।

आंदोलन की वजह यह है कि राज्य सरकार के सार्वजनिक निर्माण, ग्रामीण विकास, जल जीवन मिशन और आदिवासी विकास जैसे विभागों से ठेकेदारों का करीब 86 हजार से 96 हजार करोड़ रुपये का भुगतान रुका हुआ है। महासंघ का यह भी दावा है कि पिछले कुछ महीनों में आर्थिक परेशानी के कारण राज्य के कुछ ठेकेदारों ने बेहद कठोर कदम उठाया।

महासंघ की पहली मांग है कि सभी ठेका मज़दूरों के प्रमाणित और जांचे हुए बकाया बिल तुरंत चुकाए जाएं। दूसरी मांग है कि अलग-अलग विभागों में अटके बिलों के सरकारी आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं।

तीसरी मांग यह है कि भुगतान पारदर्शी तरीके से और वक्त पर मिले, इसके लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड और एक स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। चौथी मांग में कहा गया है कि छोटे और मझोले ठेकेदारों के बिलों को पहले निपटाया जाए।

पांचवीं मांग जीएसटी बिलों के साथ दी गई पुरानी पद्धति को लागू करने की है। इन सभी मांगों को लेकर ठेकेदार आज राज्य भर में सड़कों पर हैं।

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