शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
03:09 IST

नीट पेपर लीक प्रदर्शन: पुलिस कार्रवाई की शिकायतों के लिए सुप्रीम कोर्ट का ऑनलाइन पोर्टल

नीट पेपर लीक के विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई से प्रभावित लोग अब ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकेंगे।

नीट पेपर लीक प्रदर्शन: पुलिस कार्रवाई की शिकायतों के लिए सुप्रीम कोर्ट का ऑनलाइन पोर्टल तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों और उम्मीदवारों के लिए सुप्रीम कोर्ट से अहम खबर आई है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा की गड़बड़ी के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती और गलत कार्रवाई की शिकायतों पर कोर्ट ने जरूरी निर्देश दिए हैं।

प्रभावित लोगों की शिकायतें दर्ज करने के लिए एक खास ऑनलाइन पोर्टल बनाया गया है, जो जल्द ही शुरू किया जाएगा। इसके जरिए छात्र, पालक और आंदोलनकारी पुलिस के कथित बल प्रयोग, गलत कार्रवाई और दर्ज किए गए मामलों की जानकारी रख सकेंगे। हालांकि पोर्टल कब शुरू होगा और शिकायतें किस प्रक्रिया से दर्ज होंगी, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने आनी बाकी है।

मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट (NEET) में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों के बाद देश के कई हिस्सों में छात्रों ने प्रदर्शन किए थे। उम्मीदवारों और छात्र संगठनों ने मांग की थी कि परीक्षा की अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

आंदोलन कर रहे छात्रों ने दोबारा परीक्षा कराने और आगे ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सख्त व्यवस्था बनाने की मांग भी उठाई थी। इस दौरान कई जगहों से छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की खबरें आई थीं। कुछ छात्र संगठनों और आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया था कि शांति से विरोध जताने वालों पर पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल इस्तेमाल किया। कुछ ने गलत तरीके से मामले दर्ज किए जाने की शिकायत भी की थी। यही आरोप और शिकायतें सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची थीं।

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई से प्रभावित लोगों की शिकायतें दर्ज करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था बनाई जाए। इसके तहत एक खास डिजिटल पोर्टल तैयार किया गया है। पुलिस की कथित ज्यादती या अनुचित कार्रवाई से प्रभावित छात्रों और आंदोलनकारियों को अपनी शिकायत दर्ज कराने का मौका देना इस पोर्टल का मकसद है।

बताया गया है कि इस पोर्टल पर पुलिस के कथित बल प्रयोग और आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों से जुड़ी शिकायतें दर्ज की जा सकेंगी। इससे प्रभावित लोगों की शिकायतें एक जगह जमा करने और उनकी जांच की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि कोर्ट के आदेश की पूरी कॉपी और पोर्टल के संचालन से जुड़े विस्तृत आधिकारिक निर्देश उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं हैं। ऐसे में पोर्टल की अंतिम व्यवस्था और शिकायतों पर कार्रवाई का तरीका आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगा।

सुप्रीम कोर्ट की उच्चस्तरीय जांच समिति (HPEC) ने कोर्ट को बताया है कि शिकायतें दर्ज करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल अब तैयार हो चुका है और शुरू होना बाकी है। यह पोर्टल राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की तकनीकी मदद से बनाया गया है। खास बात यह है कि शिकायत की व्यवस्था सिर्फ आंदोलनकारियों के लिए नहीं है, बल्कि प्रदर्शनों के दौरान घायल होने वाले या किसी भी तरह की हिंसा का शिकार होने का दावा करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए भी है। दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज करने के लिए अलग-अलग फॉर्म बनाए गए हैं।

पोर्टल शुरू होने के बाद बड़े अखबारों में सार्वजनिक सूचना देकर इसकी जानकारी दी जाएगी, ताकि प्रभावित लोगों तक यह पहुंच सके। पूरे मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही पांच सदस्यों की समिति बनाई थी, जिसकी अगुवाई सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी को सौंपी गई है। यह समिति आंदोलनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस हिंसा, महिला आंदोलनकारियों से दुर्व्यवहार के आरोपों और प्रदर्शनों के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों से जुड़े मामलों की भी जांच करेगी।

जिन छात्रों और आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ गलत बर्ताव हुआ या जरूरत से ज्यादा बल इस्तेमाल किया गया, वे इस पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगे। इसके अलावा जिन लोगों का दावा है कि उन पर गलत तरीके से पुलिस कार्रवाई हुई या मामले दर्ज किए गए, वे भी इसी व्यवस्था से अपनी बात रख सकेंगे।

पुलिस कार्रवाई की शिकायतों में वीडियो और तस्वीरें अहम सबूत हो सकती हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पोर्टल पर शिकायत के साथ सबूत देने की व्यवस्था भी हो सकती है। जिन छात्रों या आंदोलनकारियों के पास पुलिस कार्रवाई से जुड़े वीडियो, फोटो या दूसरे कागजात हैं, वे उन्हें अपनी शिकायत के सबूत के तौर पर इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे सिर्फ आरोप लगाने की जगह उससे जुड़े तथ्य और उपलब्ध सबूत भी सामने रखने का मौका मिलेगा।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे