जलगांव के बांभोरी फ्लाईओवर पर कार-कंटेनर की टक्कर, तीन चचेरे भाइयों की मौत
जलगांव शहर से सटे बांभोरी फ्लाईओवर पर रविवार रात कार और कंटेनर की भिड़ंत में तीन चचेरे भाइयों की जान चली गई।
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जलगांव शहर से लगे बांभोरी फ्लाईओवर पर रविवार रात एक भीषण हादसा हुआ। कार और कंटेनर की टक्कर में तीन चचेरे भाइयों की मौत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई।
मरने वालों के नाम पंकज प्रकाश चौधरी और रवींद्र अरुण चौधरी हैं, जो दोनों झुरखेडा (तालुका धरणगांव) के रहने वाले थे। तीसरे मृतक हरीश हिंमत चौधरी चोपडा के रहने वाले थे।
मिली जानकारी के मुताबिक तीनों जलगांव से धरणगांव तालुका के अपने गांव झुरखेडा लौट रहे थे। उसी वक्त बांभोरी फ्लाईओवर पर सामने से आ रहे कंटेनर ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। धक्का इतना तेज था कि कार घूम गई और उसे भारी नुकसान पहुंचा। हादसे में तीनों की जान चली गई।
रविवार को पंकज के चाचा का दशक्रिया विधि था। इसके लिए जलगांव से बुआ का बेटा आया हुआ था, जिसे भुसावल के पास वनवली में देवी की यात्रा में जाना था। उसे वनवली छोड़ने के लिए तीनों कार से गए थे। उसे छोड़कर झुरखेडा लौटते वक्त बांभोरी पुल पर यह हादसा हो गया।
मृतक हरीश सोलर क्षेत्र में काम करते थे। वे शादीशुदा थे और उनके दो छोटे भाई हैं। उनके पिता सनपुले की दिव्यांग शाला में रसोइये का काम करते हैं। हादसे की खबर मिलते ही रिश्तेदार जलगांव के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पहुंचे। अस्पताल परिसर में शोक में डूबे रिश्तेदारों की भीड़ लग गई थी।
हादसे के बाद कंटेनर फ्लाईओवर की रेलिंग पर खतरनाक हालत में अटक गया। उसके नीचे गिरने का खतरा था, इसलिए एहतियात के तौर पर ट्रैफिक रोक दिया गया। इससे हाईवे पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और शहर की तरफ खोटेनगर तक जाम लग गया।
पाळधी-तरसोद बायपास बंद होने से शहर के अंदर से गुजरने वाली गाड़ियों की संख्या बढ़ गई है। बताया गया है कि पिछले ढाई महीनों में अलग-अलग हादसों में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। बांभोरी फ्लाईओवर के इस हादसे के बाद हाईवे पर ट्रैफिक के इंतजाम और बायपास चालू करने का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।