नागपुर स्टेशन के वेस्ट गेट पर अंडरग्राउंड पार्किंग, 2-3 दिन में खुलने की तैयारी
रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने नई अंडरग्राउंड पार्किंग मध्य रेलवे को सौंप दी है। इसमें करीब 1,600 दोपहिया और 290 कारें खड़ी हो सकेंगी।
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नागपुर रेलवे स्टेशन के पश्चिम यानी वेस्ट गेट की तरफ भीड़ और जाम से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) ने नई बनी अंडरग्राउंड पार्किंग मध्य रेलवे को सौंप दी है। अब इसके अगले कुछ दिनों में खुलने का रास्ता साफ हो गया है।
इस पार्किंग में करीब 1,600 दोपहिया और 290 कारें खड़ी की जा सकेंगी। मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर अमन मित्तल ने शनिवार को बताया कि पार्किंग को दो से तीन दिन में चालू करने की तैयारी चल रही है।
अभी वेस्ट गेट के पास जगह कम है और प्राइवेट गाड़ियां, ऑटोरिक्शा और यात्री सब उसी में उलझे रहते हैं। इससे भीड़ और अव्यवस्था रहती है। नई व्यवस्था से गाड़ियों की आवाजाही में अनुशासन आने और स्टेशन तक पहुंचना आसान होने की उम्मीद है।
स्टेशन के पुनर्विकास का काम जुलाई 2023 में शुरू हुआ था और अब करीब तीन साल तीन महीने बाद यह हैंडओवर हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2022 में इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। इस आधुनिकीकरण योजना की अनुमानित लागत 487.77 करोड़ रुपये है।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक पार्किंग कुछ जगहों पर पानी के रिसाव और सीलन की चिंता के कारण फाइनल हैंडओवर के इंतजार में थी। RLDA चाहती थी कि मध्य रेलवे को सौंपने से पहले ये दिक्कतें दूर हो जाएं। लेकिन रेलवे अधिकारियों ने जल्दी खोलने पर जोर दिया, ताकि यात्रियों को बिना और देरी के पार्किंग की जगह मिल सके। सूत्रों का कहना है कि डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) विनायक गर्ग ने अफसरों को बाकी काम तेजी से निपटाने को कहा है।
एक अधिकारी ने कहा, "रेलवे अधिकारियों ने जल्दी खोलने पर जोर दिया, यानी बाकी मरम्मत, सुधार और फिनिशिंग का काम सुरक्षा की शर्तों के साथ चालू रहते हुए भी चलता रह सकता है।" अब हैंडओवर हो चुका है, इसलिए ध्यान बची हुई कमियों को दूर करने पर है, ताकि पार्किंग लोगों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक रहे। रिसाव की दिक्कत सुलझाने को प्राथमिकता दी जा रही है, लेकिन इस सुविधा को बेवजह टाला नहीं जाएगा।
बेसमेंट पार्किंग में गाड़ियों के लिए तय बे, अंदर आने और बाहर जाने के रैंप, बैरियर और निशान लगी पार्किंग की जगहें हैं। लिफ्ट और सीढ़ियां अंडरग्राउंड हिस्से को स्टेशन के ग्राउंड लेवल से जोड़ेंगी, जिससे यात्री आसानी से स्टेशन बिल्डिंग तक पहुंच सकेंगे। गाड़ियों को रास्ता दिखाने के लिए साइनबोर्ड लगेंगे और डिजिटल साइनेज भी प्रस्तावित है।
ट्रैफिक का इंतजाम सिर्फ बेसमेंट तक सीमित नहीं है। पार्किंग के आसपास की खाली जगह में गाड़ियों के लिए अलग लेन, प्रीपेड ऑटोरिक्शा स्टैंड और कतार में खड़े होने की तय जगह बनाने की उम्मीद है, ताकि स्टेशन के गेट पर गाड़ियों की भीड़ न लगे। प्रीपेड ऑटोरिक्शा सेवा ग्राउंड फ्लोर पर अंडरग्राउंड पार्किंग से अलग चलेगी। पार्किंग, यात्रियों को उतारने-चढ़ाने और ऑटो को अलग-अलग रखने से गाड़ियों और पैदल लोगों के बीच टकराव कम होने की उम्मीद है।
सुरक्षा के लिए DRM गर्ग के करीबी सूत्रों ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) की संयुक्त पेट्रोलिंग चौकी प्रस्तावित है, जिसमें चौबीसों घंटे तैनाती की योजना है। इससे निगरानी बेहतर होने और जेबकतरी, बेवजह घूमने वालों और दूसरी आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगने की उम्मीद है। गाड़ियों की आवाजाही संभालने के लिए अलग ट्रैफिक पुलिस बूथ भी प्रस्तावित है।
अंडरग्राउंड पार्किंग नागपुर स्टेशन के बड़े पुनर्विकास का एक हिस्सा है। इसमें नई स्टेशन बिल्डिंग, यात्री सुविधाओं में सुधार, बेहतर आवाजाही और दूसरे परिवहन साधनों से जुड़ाव शामिल है। स्टेशन की हेरिटेज बिल्डिंग भी इस योजना में है। पूरे प्रोजेक्ट को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। रेलवे सूत्रों ने संकेत दिया कि बाकी हिस्सों का काम तेज करके जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश हो रही है।