पूर्णेकर हत्या: एसआईटी ने ठाणे की पूर्व मेयर मीनाक्षी शिंदे को पूछताछ के लिए बुलाया
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शिवसेना ठाकरे गुट के मानपाडा विभागप्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या की जांच में बड़ा मोड़ आया है। मामले की जांच के लिए बनी विशेष जांच टीम यानी एसआईटी ने ठाणे की पूर्व मेयर मीनाक्षी शिंदे को पूछताछ के लिए बुलाया है। वे शिंदे गुट की मौजूदा पार्षद भी हैं। आज, मंगलवार को दोपहर 12 बजे उनसे विस्तार से पूछताछ की जाएगी।
इससे पहले एसआईटी उनके पति राजेंद्र शिंदे से पूरे सात बार पूछताछ कर चुकी है। अब सीधे पूर्व मेयर को जांच के दायरे में लाए जाने से राजनीतिक हलकों में काफी हलचल मच गई है।
वारदात 29 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे की है। प्रदीप पूर्णेकर उस वक्त मानपाडा में अपने दफ्तर में बैठे थे, तभी हमलावरों ने अचानक उन पर हमला कर दिया। पिस्तौल से गोलियां चलाई गईं और चॉपर से ताबड़तोड़ वार किए गए। इस तरह बेरहमी से उनकी हत्या कर दी गई। शुरू से ही शक जताया जा रहा था कि इस हत्या के पीछे राजनीतिक और सामाजिक दुश्मनी है।
पूर्णेकर के बेटे राम पूर्णेकर ने जो पूरक बयान दर्ज कराया, उसमें मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे के नाम सीधे लिए गए थे। पूर्णेकर परिवार का कहना है कि यह पहले से रची गई राजनीतिक साजिश है। इसी आधार पर परिवार लगातार मांग कर रहा है कि शिंदे दंपती को इस हत्या का मुख्य आरोपी बनाया जाए।
परिवार ने इस बारे में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। उसमें हत्या से डेढ़ घंटे पहले का एक वीडियो सामने रखा गया। परिवार का दावा है कि इस वीडियो में सारे आरोपी राजेंद्र शिंदे के साथ दिख रहे हैं। वहीं मीनाक्षी शिंदे ने अपने ऊपर लगे इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
जांच के दौरान एसआईटी अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें पूर्णेकर के पुराने दोस्त सुभाष उर्फ पप्पा शिंदे, निखिल यादव, नितेश पवार और दो अन्य शामिल हैं। ये सभी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
जांच के तहत एसआईटी ने ठाणे की खंडणी विरोधी शाखा के दफ्तर में राजेंद्र शिंदे और मुख्य आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर भी पूछताछ की थी। सात बार हुई इस पूछताछ में राजेंद्र शिंदे ने दावा किया कि उनका हत्या से कोई लेना-देना नहीं है। अब मीनाक्षी शिंदे को बुलाया गया है और सबकी नजर इस पर है कि उनकी पूछताछ में क्या निकलकर आता है।
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