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चंद्रपुर के विकास की ताकत 'मन की बात' से मिली: विधायक सुधीर मुनगंटीवार

चंद्रपुर में 'मन की बात' के 12 साल पूरे होने पर कार्यक्रम हुआ। 138 एपिसोड वाली QR कोड पुस्तक का विमोचन हुआ।

चंद्रपुर के विकास की ताकत 'मन की बात' से मिली: विधायक सुधीर मुनगंटीवार तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

चंद्रपुर में 'मन की बात' के 12 साल पूरे होने पर प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी सांस्कृतिक सभागार में एक बड़ा कार्यक्रम हुआ। इसमें विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' से मिली प्रेरणा उनके लिए सिर्फ विचारों तक सीमित नहीं रही। उसने चंद्रपुर जिले के हर तरह के विकास के लिए कुछ ठोस करने की ऊर्जा दी। उनके मुताबिक इस कार्यक्रम ने यह भरोसा दिया कि अपनी कोशिशों से समाज में बड़ा बदलाव आ सकता है।

मुनगंटीवार ने बताया कि इसी प्रेरणा से शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, पर्यावरण संवर्धन, बांबू रिसर्च और रोजगार जैसे कई क्षेत्रों में चंद्रपुर की तरक्की के लिए काम करने का मौका मिला। यह उनके लिए संतोष और खुशी की बात है। कार्यक्रम में 'मन की बात' के 138 एपिसोड का QR कोड वाली पुस्तक का विमोचन किया गया। उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने के आम लोगों के असाधारण काम से प्रेरणा लेकर उसे समाज के भले के काम में बदलना और विकसित भारत के निर्माण में हाथ बंटाना, यही इस पहल का असली संदेश है।

कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. परशुराम खुणे, विधायक देवराव भोंगले, विधायक करण देवतले, महापौर संगीता खांडेकर, सौ. सपनाजी मुनगंटीवार, जिला संघचालक तुषारजी देवपुजारी, भाजपा के वरिष्ठ नेता चंदनसिंग चंदेल, भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश शर्मा, पूर्व विधायक अतुल देशकर, वासुदेव गाडेगोने, गीता अनुवादक फातिमा बहन, पांडुरंग आंबटकर और किसनलाल चड्डा मौजूद थे। भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान, गायत्री परिवार के सदस्य, महिलाएं और विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में पहुंचे।

मुनगंटीवार ने कहा कि 'मन की बात' सिर्फ बातचीत का कार्यक्रम नहीं है। यह समाज को सकारात्मक ऊर्जा देता है और विचारों को अमल से जोड़ता है। यह पहल 3 अक्टूबर 2014 को विजयादशमी के दिन शुरू हुई थी। इसके जरिए पर्यावरण संवर्धन, खेती, सामाजिक बदलाव और आम आदमी के असाधारण काम से देश का परिचय हुआ। जब कोई आम आदमी अपने काम से मिसाल कायम करता है तो कई लोगों को उससे प्रेरणा मिलती है। उनके मुताबिक यही इसकी असली ताकत है।

उन्होंने बताया कि इसी सोच से जिले में सैनिक स्कूल, वन अकादमी, बोटैनिकल गार्डन, आंगनवाड़ियों का आधुनिकीकरण, स्मार्ट स्टडी रूम, पुस्तकालय, अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल, जल संरक्षण, कृषि विज्ञान केंद्र और स्थानीय रोजगार परियोजना जैसे कामों को गति मिली। उन्होंने कहा कि विकास का मतलब सिर्फ इमारतें खड़ी करना नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, रिसर्च और सामाजिक तरक्की के जरिए लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाना ही विकास है।

पुस्तक के बारे में उन्होंने कहा कि इसके जरिए विद्यार्थियों और नौजवानों को प्रेरणा देने वाले विचारों से जोड़ने की कोशिश है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे इन एपिसोड को नियमित सुनें, उनके अहम मुद्दे समझें और अपने व्यक्तित्व के विकास में उनका इस्तेमाल करें। उनका कहना था कि विचारों को जुटाने, समझने और असल जिंदगी में उतारने से ही व्यक्तित्व बनता है।

मुनगंटीवार ने यह भी कहा कि समाज में आपसी सम्मान, समझदारी और इंसानियत की भावना मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने गीता अनुवादक फातिमा बहन की तारीफ की, जिन्होंने भगवद्गीता के विचारों को उर्दू भाषा के जरिए पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भगवद्गीता में कर्तव्य, कर्म और शांति का जो संदेश है, वह सब तक पहुंचना चाहिए। धर्म कोई भी हो, इंसानियत की भलाई और एक-दूसरे का सम्मान ही समाज को जोड़ने वाले मूल्य हैं। अलग-अलग धर्मों के प्रतिनिधियों, नौजवानों, विद्यार्थियों और समाज के कई तबकों की भागीदारी सामाजिक एकता का संदेश देने वाली रही। इसके लिए उन्होंने आभार माना।

मुनगंटीवार ने घोषणा की कि 9 से 12 जनवरी 2027 के बीच नए चंद्रपुर इलाके में बड़ा युवा सम्मेलन होगा। 12 जनवरी को करीब 25 हजार नौजवानों को एक जगह लाने का लक्ष्य है। इसका मकसद है कि साहित्य, उद्योग, खेती, शिक्षा, रिसर्च और दूसरे क्षेत्रों में नौजवान अपनी काबिलियत साबित करें और जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर ऊंची करें। उन्होंने अपील की कि चंद्रपुर जिले को नशामुक्त, सेहतमंद, ज्ञान से भरपूर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए नौजवानों की ताकत को सही दिशा में लगाया जाए। उन्होंने कहा कि मोबाइल को लत की तरह नहीं, बल्कि ज्ञान, हुनर और तरक्की के साधन की तरह इस्तेमाल करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती और रोजगार के क्षेत्र में कई पहल चल रही हैं। इनमें महिला शिक्षा के लिए यूनिवर्सिटी स्तर की सुविधा, छात्राओं के कौशल विकास के केंद्र, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, खेती में नए प्रयोग और किसानों को सीधा बाजार देने के लिए कृषि हाट शामिल हैं। किसान और ग्राहक के बीच बिचौलियों की कड़ी कम हो, किसानों के जैविक उत्पादों को सीधा बाजार मिले और पौष्टिक खाने को बढ़ावा मिले, इसी मकसद से कृषि हाट और फूड कोर्ट की सोच आगे बढ़ाई जा रही है। जिले की प्राकृतिक संपदा का इस्तेमाल लोगों की भलाई और सेहत की सुविधाएं बढ़ाने में करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

कार्यक्रम के आखिर में बल्लारपुर विधानसभा के किसानों के शानदार काम का सम्मान हुआ। महाराष्ट्र सरकार के राज्यस्तरीय पुरस्कार से सम्मानित 13 किसानों में से 7 पोंभूर्णा तहसील के किसान हैं। यह जिले के लिए गर्व की बात है। मुनगंटीवार ने इन पुरस्कार विजेता किसानों को बधाई दी।

चंद्रपुर जिले की 15 तहसीलों में से बल्लारपुर, जिवती और ब्रह्मपुरी को शुरू में सूखाग्रस्त तहसीलों की सूची में शामिल नहीं किया गया था। इन तहसीलों के किसानों के साथ नाइंसाफी न हो और उन्हें भी सूखे की मदद मिले, इसके लिए मुनगंटीवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्रजी फडणवीस को पत्र लिखकर लगातार कोशिश की। उसके बाद तीनों तहसीलें सूखाग्रस्त सूची में शामिल की गईं। अब जिले की सभी 15 तहसीलें सूखाग्रस्त तहसीलों में आ गई हैं। इस कोशिश के लिए किसानों ने मुनगंटीवार का सत्कार किया और आभार जताया।

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