महावितरण के ठेका कर्मियों का हल्लाबोल
वेतन, बोनस और नौकरी की सुरक्षा के लिए धरना आंदोलन, अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
नागपुर.
दीपावली सिर पर है, लेकिन महावितरण के ठेका कर्मियों की वेतन, बोनस और बकाया राशि को लेकर मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार, 27 अक्टूबर को ठेका कर्मियों ने धरना आंदोलन किया. महाराष्ट्र बिजली ठेका कामगार संघ, भारतीय मजदूर संघ से संलग्न संगठन के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में कर्मियों ने ठेकेदारों की मनमानी पर रोक लगाने, नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने और लंबित न्यूनतम वेतन तत्काल लागू करने की मांग उठाई. कर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनकी समस्याओं का समाधान अधूरा रहेगा.
महावितरण में काम करने वाले ठेका कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. वेतन में देरी, बकाया राशि, बोनस और नौकरी की अनिश्चितता जैसे मुद्दों को लेकर कर्मचारियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है. आंदोलन के जरिए संगठन ने साफ संदेश दिया कि कर्मियों के आर्थिक हितों और रोजगार की सुरक्षा से जुड़े सवालों को अब नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.
दिवाली से पहले वेतन, बकाया अंतर और बोनस की मांग!
कर्मियों की प्रमुख मांग है कि दीपावली से पहले उनका वेतन, वेतन का लंबित अंतर और बोनस दिया जाए. संगठन ने ठेका कर्मियों को ठेकेदारों के कथित दबाव से मुक्त करने, बदली नीति रद्द करने और कर्मियों को मनमाने तरीके से काम से हटाने के अधिकार पर रोक लगाने की मांग की है. इसके साथ ही ठेकेदारों की मनमानी पर नियंत्रण रखने और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है. संगठन ने कोर्ट केस के कारण काम से दूर हुए संरक्षित कर्मियों को दोबारा काम पर लेने की मांग भी उठाई है.
न्यूनतम वेतन लागू करो, भत्तों का लाभ दो!
आंदोलन में लंबित न्यूनतम वेतन तत्काल लागू करने और LIFO कानून का पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई है. कर्मियों ने स्मार्ट और क्रिस्टल कंपनियों पर नियंत्रण रखने तथा दुर्घटना बीमा, पेट्रोल भत्ता और मोबाइल भत्ता शुरू करने की भी मांग उठाई है. संगठन का कहना है कि कर्मियों को काम के दौरान सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए. वेतन और भत्तों से जुड़े लंबित मुद्दों का समाधान कर कर्मियों को राहत देना जरूरी है.
टेंडर प्रक्रिया में बदलाव और नौकरी की सुरक्षा की मांग
ठेका कर्मियों ने टेंडर प्रक्रिया में बदलाव कर एक सर्कल में एक ही ठेकेदार रखने की मांग की। साथ ही सभी कोर्ट मामलों को संपर्क पोर्टल से जोड़ने और हरियाणा पैटर्न लागू करने की मांग भी सामने रखी है. आंदोलन के जरिए कर्मियों ने नौकरी की सुरक्षा, समय पर भुगतान और ठेकेदारों की मनमानी पर प्रभावी नियंत्रण की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने भाजपा नेता चित्रा वाघ को अपनी मांग का ज्ञापन भी सौंपा है.
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