जयपुर में फुटपाथ पर तीन दोस्तों ने रोकी बाइकें, बिना झगड़े के सिखाया सबक, वीडियो वायरल
फुटपाथ पर आराम से चल रहे तीन नौजवानों के पीछे चार से पांच बाइक वाले फंस गए। न झगड़ा हुआ, न गाली गलौज, और सोशल मीडिया पर तारीफ हो रही है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए होता है। लेकिन शाम की भीड़ के वक्त कुछ बाइक वाले जानबूझकर अपनी गाड़ी फुटपाथ पर चढ़ा देते हैं, जिससे पैदल चलने वालों को चलने में दिक्कत होती है। ऐसे ही लोगों को अच्छा सबक सिखाने वाला एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें तीन नौजवानों ने बाइक चलाने वालों की अच्छी खबर ली है।
यह वीडियो jaipur_raj221 नाम के पेज ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है। इसी वजह से अंदाजा लगाया जा रहा है कि घटना राजस्थान की है। वीडियो में तीन दोस्त फुटपाथ पर आराम से गपशप करते हुए चलते दिखते हैं। उनके आगे का रास्ता पूरी तरह खाली है।
अब जरा उनके पीछे देखिए। वहां चार से पांच बाइक वाले खड़े हैं, जो उनसे आगे नहीं निकल पा रहे थे। आम तौर पर हम क्या करते हैं? गाड़ी से डरकर या हॉर्न बजते ही एक तरफ हो जाते हैं और गाड़ियों को जगह दे देते हैं। मगर इन लड़कों ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने बाइक वालों को फुटपाथ का असली मतलब समझा दिया। बात सीधी थी कि गलत जगह पर आप आए हैं, तो रुकना भी आपको ही पड़ेगा।
नतीजा यह हुआ कि बाइक वालों को उन तीनों के पीछे धीरे धीरे ही चलना पड़ा। हॉर्न बजाने का कोई फायदा नहीं हुआ। आखिर में उन्हें चुपचाप पीछे ही रहना पड़ा। न कोई झगड़ा हुआ, न गाली गलौज। बस शांति से अपना हक जताया गया। इस बात की सोशल मीडिया पर तारीफ हो रही है और कमेंट्स की बारिश लगी हुई है।
कमेंट्स में लोगों ने क्या कहा, यह भी देखने लायक है। एक यूजर ने लिखा कि दोस्तों, तुमने जो किया वह एक नंबर है। दूसरे ने कहा कि और धीरे चलो, तब इन्हें सबक मिलेगा। कई लोगों ने लिखा कि ऐसा हर शहर में होना चाहिए। उनके मुताबिक मुंबई हो या पुणे, हर जगह यही प्रॉब्लम है।
एक कमेंट में कहा गया कि फुटपाथ पर कभी कभी चलने की जगह ही नहीं होती। कभी वहां गाड़ियां पार्क की होती हैं, कभी दुकान का सामान रखा होता है और कभी ऐसी बाइकें दौड़ाई जाती हैं। उसी कमेंट में यह भी लिखा गया कि फुटपाथ पर बाइक चलाना कानून से जुर्म है और पकड़े जाने पर जुर्माना लगता है। पर पुलिस हर जगह नहीं होती, और ये लोग इसी बात का गलत फायदा उठाते हैं। ऐसे में इन नौजवानों ने जो हिम्मत दिखाई, वह सचमुच तारीफ के काबिल है। उन्होंने दिखा दिया कि अपना हक मांगने के लिए लड़ाई करना जरूरी नहीं है।
इन दोस्तों ने न मारपीट की, न गाली दी, न चिल्लाए। शांति से उन्हें उनकी गलती दिखा दी। कमेंट्स में यह भी कहा गया कि उन्होंने महात्मा गांधी की तरह अहिंसा के रास्ते से काम लिया है।
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