प्रदीप पूर्णेकर हत्या: बेटे राम का आरोप, 13 फुटेज दिए पर कार्रवाई नहीं, अब CM से मिलेंगे
प्रदीप पूर्णेकर की हत्या को 26 दिन हो गए हैं। उनके बेटे राम पूर्णेकर का कहना है कि जांच आगे नहीं बढ़ी, और अब वे सारे सबूत मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सामने रखेंगे।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
ठाणे: प्रदीप पूर्णेकर की हत्या को 26 दिन गुजर चुके हैं, लेकिन उनके बेटे राम पूर्णेकर का कहना है कि जांच में जितनी तरक्की दिखनी चाहिए थी, उतनी दिख नहीं रही। राम ने आरोप लगाया है कि मामला जहां का तहां अटका है।
राम पूर्णेकर ने आज, 24 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि पुलिस को 13 CCTV फुटेज दिए जा चुके हैं। उनका दावा है कि इन फुटेज में कथित मास्टरमाइंड के खिलाफ सबूत मौजूद हैं। इसके बावजूद जिन लोगों का नाम वे ले रहे हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, और इसी बात पर उन्होंने नाराजगी जताई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम ने एक सफेद इनोवा गाड़ी का जिक्र किया। उनका दावा है कि यह गाड़ी एक खास शख्स की है। उन्होंने सवाल उठाया कि सुबह 8.10 से 8.40 बजे के बीच यह गाड़ी उस इलाके में क्यों घूम रही थी।
राम ने मीनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे की गिरफ्तारी की मांग भी की। इन लोगों पर लगाए गए आरोपों और CCTV फुटेज से जो नतीजे निकलते हैं, उनकी अलग से जांच-पड़ताल होना जरूरी है। जांच निष्पक्ष रहे, इसके लिए संबंधित लोगों का पक्ष जानना भी अहम होगा।
पुलिस के काम करने के तरीके पर भी राम ने नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि 13 अक्टूबर 2026 को कासारवडवली पुलिस स्टेशन के अफसर उनके घर आए और करीब तीन घंटे बैठे रहे। राम के मुताबिक उन्होंने आंदोलन न करने को लेकर उनसे एक चिट्ठी लिखवाई। राम का यह भी कहना है कि उस चिट्ठी में जो हैंडराइटिंग है, वह उनकी नहीं है।
जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम (SIT) की बनावट पर भी राम ने सवाल खड़े किए। उनकी मांग है कि यह साफ किया जाए कि इस मामले की जांच किसकी अगुवाई में चल रही है।
राम ने कहा कि अब पुलिस को और सबूत देने का भरोसा नहीं रहा। इसलिए उन्होंने फैसला किया है कि अपनी बात मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और गृह विभाग तक पहुंचाएंगे और सारे सबूत सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पहले कई राजनीतिक नेता घर आकर मिले और आश्वासन दे गए, मगर ठोस कार्रवाई कहीं नजर नहीं आती, इस बात का उन्हें दुख है।
भावुक अपील करते हुए राम ने कहा, "मेरे पिता को इंसाफ दीजिए।" उन्होंने इस मामले में जिन लोगों का नाम लिया है, उन पर कार्रवाई की मांग दोहराई।
इस मामले में CCTV फुटेज, गाड़ियों की आवाजाही और बाकी सबूतों की निष्पक्ष जांच होना अहम है। राम के आरोपों के बाद अब सबकी नजर इस पर है कि पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं।
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