टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के पीछे वसूली, गैंग का दबदबा या दहशत? क्राइम ब्रांच तीन एंगल खंगाल रही है
मुंबई क्राइम ब्रांच अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर कथित गोलीबारी के पीछे वसूली, गैंग के दबदबे और बॉलीवुड में दहशत की संभावनाओं की जांच कर रही है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर कथित गोलीबारी के पीछे असल मकसद क्या था, इसे लेकर गंभीर दावे सामने आए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले में तीन संभावित वजहों की जांच कर रही है। ये हैं खंडनी यानी वसूली, किसी आपराधिक गैंग का दबदबा बनाना और बॉलीवुड में दहशत फैलाना।
यह भी पूछा जा रहा है कि क्या इस हमले का रिश्ता किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से है, और क्या इसका आदेश विदेश से या जेल के अंदर से दिया गया था। बताया जा रहा है कि इस पर भी जांच चल रही है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि और जांच के नतीजों को अलग से परखना जरूरी है। जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से ही ये बातें कही गई हैं।
पहली वजह वसूली की बताई जा रही है। जांच इस दिशा में हो रही है कि क्या टाइगर श्रॉफ से मोटी रकम ऐंठने की कोशिश की गई थी। दावा है कि पुलिस यह भी देख रही है कि अभिनेता सलमान खान से जुड़े पहले के मामलों की तरह इस घटना में भी वसूली का इरादा था या नहीं। फायरिंग से पहले प्रोडक्शन हाउस के जरिए संपर्क करने की कोशिश हुई थी या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। लेकिन टाइगर श्रॉफ से असल में वसूली की मांग की गई थी या नहीं, इस पर जब तक पक्के सबूत या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आती, कोई नतीजा निकालना ठीक नहीं होगा।
दूसरी संभावित वजह यह बताई जा रही है कि मुंबई के आपराधिक जगत में अपना दबदबा कायम करने के लिए यह हमला किया गया हो। शक जताया जा रहा है कि किसी मशहूर बॉलीवुड अभिनेता को निशाना बनाने से संबंधित गैंग का नाम चर्चा में आ सकता है और दूसरे कारोबारियों में डर बैठ सकता है। जांच का एक संभावित नजरिया यही बताया जाता है। फिर भी इस हमले के पीछे कौन सा गैंग है, इस पर जांच एजेंसी की तरफ से आधिकारिक नतीजा आने की अलग से पुष्टि जरूरी है।
तीसरी आशंका फिल्म इंडस्ट्री के निर्माताओं, निर्देशकों और कलाकारों में दहशत फैलाने की साजिश की है। दावा किया गया है कि जुहू तारा रोड जैसे भीड़भाड़ वाले और पॉश इलाके में शाम करीब 7 बजे फायरिंग हुई। घटना का वीडियो या खबर सोशल मीडिया पर फैले तो उसका असर दूर तक जा सकता है। इसलिए जांच एजेंसी यह परख रही है कि हमला सिर्फ एक अभिनेता तक सीमित था या पूरे बॉलीवुड को संदेश देने की कोशिश थी।
मुंबई क्राइम ब्रांच के सामने एक और अहम सवाल है। दावा है कि इस बात की पूछताछ चल रही है कि फायरिंग का आदेश जेल में बैठकर दिया गया था या हमले की प्लानिंग कनाडा अथवा अमेरिका से की गई थी। आरोपियों के मोबाइल फोन और कैब ड्राइवर को किए गए कथित फोन कॉल के आधार पर संपर्कों की कड़ी जांची जा रही है। इन बातचीत से हमले की प्लानिंग के बारे में कोई अहम सुराग मिलता है या नहीं, यह जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।
टाइगर श्रॉफ पर कथित फायरिंग के पीछे वसूली, आपराधिक दबदबा और दहशत फैलाने का मकसद था या नहीं, इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिलेगा। फिलहाल सामने आई जानकारी को जांच के संभावित दावे मानकर ही देखना चाहिए। आरोपियों की भूमिका, कथित गैंग से उनके रिश्ते और हमले के मास्टरमाइंड के बारे में आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।
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