पेंटागॉन ने लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया को हटाया, लीक के आरोप में पॉलीग्राफ टेस्ट भी फेल
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के नीति प्रमुख को पद से हटाया, मामला न्याय विभाग को सौंपा गया।
अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागॉन में गोपनीय जानकारी लीक होने के एक बड़े मामले ने हलचल मचा दी है। जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के नीति प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया (Lt. Gen. Brett Sylvia) को अचानक उनके पद से हटा दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने ईरान संघर्ष, रूस-यूक्रेन युद्ध और पेंटागॉन के बेहद गुप्त सैन्य अभियानों की जानकारी पत्रकारों को दी।
पेंटागॉन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों की गहरी जांच के दौरान सिल्विया लगातार तीन से चार पॉलीग्राफ टेस्ट (लाय डिटेक्टर टेस्ट) में पूरी तरह नाकाम रहे। इस मामले के सामने आने के बाद अमेरिका के सैन्य और राजनीतिक हलकों में काफी हलचल है।
रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सिल्विया को जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ में रणनीति, योजना और नीति प्रमुख (J5) के पद से हटाया। यह पद सीधे राष्ट्रपति और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन को सैन्य नीतियों पर सलाह देने का काम करता है। पेंटागॉन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक जानकारी देते हुए कहा कि देश की बेहद संवेदनशील और गोपनीय जानकारी की हिफाजत के लिए यह सख्त कार्रवाई की गई है।
सिल्विया पर आपराधिक मामला चलाने की सिफारिश की गई है और केस न्याय विभाग (Department of Justice) को सौंप दिया गया है। एक उच्च पद के सैन्य अधिकारी पर आम तौर पर कोर्ट-मार्शल में सुनवाई होती है, लेकिन यहां सिविल कोर्ट में मुकदमा क्यों चल रहा है, इस बारे में पेंटागॉन ने अब तक पूरा स्पष्टीकरण नहीं दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया में कहा कि जनरल सिल्विया को बहुत बड़ी कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा और प्रशासन गुप्त जानकारी लीक करने वाले सभी लोगों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है।
जांच से मिली जानकारी के मुताबिक सिल्विया ने पेंटागॉन के जनसंपर्क विभाग को बताए बिना दो अलग-अलग समाचार संस्थानों के पत्रकारों से गुप्त संपर्क किया था। शक है कि उन्होंने एक किताब की लिखाई और गोपनीय खबरों के लिए यह जानकारी दी। इसके लिए उन्होंने एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप सिग्नल (Signal) का इस्तेमाल किया और वॉशिंगटन के पास एक होटल में आमने-सामने मुलाकातें भी कीं।
जांच अधिकारियों ने मैसेज के रिकॉर्ड के बारे में पूछा तो पता चला कि उन्होंने कुछ अहम मैसेज थ्रेड मिटा दिए थे। सिल्विया का दावा है कि ये मैसेज गलती से डिलीट हुए, मगर पॉलीग्राफ टेस्ट में उनके जवाबों में भारी गड़बड़ी मिली। बताया गया है कि जांच का शिकंजा कसता देख उन्होंने कैमरे के सामने खुद गलत जानकारी साझा करने की बात कबूल की।
लेफ्टिनेंट जनरल सिल्विया को अमेरिकी सेना में बेहद सम्मानित नाम माना जाता था। मई 2025 तक वे केंटकी के फोर्ट कैंपबेल में 101वीं एयरबोर्न डिवीजन के कमांडर थे। 32 साल की सेवा में उन्हें युद्ध में बहादुरी के लिए 6 ब्रॉन्ज स्टार मेडल और युद्ध में घायल होने पर मिलने वाला पर्पल हार्ट सम्मान मिला था।
शुरुआत में जॉइंट स्टाफ ने उनकी 32 साल की सेवा के लिए शुक्रिया कहने वाला पत्र जारी किया था। गुरुवार को हालात बदल गए और जांच रिपोर्ट के चौंकाने वाले खुलासों के बाद वह बयान वापस ले लिया गया। पेंटागॉन ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट से सिल्विया की जीवनी और फोटो भी तुरंत हटा दिए।
हेगसेथ के कार्यकाल में गोपनीय जानकारी लीक होने पर अफसरों पर यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले तीन अधिकारियों को इसी तरह पॉलीग्राफ टेस्ट में शक पैदा होने के बाद नौकरी से निकाला गया था। अब पेंटागॉन ने खबरें जुटाने वाले पत्रकारों पर कड़ी पाबंदियां लगा दी हैं। परिसर में पत्रकारों के साथ हर समय एक सैन्य अधिकारी का रहना जरूरी कर दिया गया है और प्रेस ऑफिस के एक हिस्से को गोपनीय क्षेत्र घोषित कर वहां पत्रकारों के जाने पर पूरी रोक लगा दी गई है।
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