क्रेन हादसे में दो मजदूरों की मौत
दो अन्य गंभर जख्मी, कॉटन मार्केट स्थित म्हाडा प्रोजेक्ट में हादसा
नागपुर में निर्माण कार्य के दौरान एक ऐसी लापरवाही का मंजर सामने आया है, जिसने दो मजदूरों की जिंदगी छीन ली और दो परिवारों को जिंदगी भर का दर्द दे दिया. गणेशपेठ थाने के तहत कॉटन मार्केट के म्हाडा परिसर में निर्माणाधीन टेक्सटाइल पार्क में करीब 100 फीट की ऊंचाई पर काम कर रही क्रेन का ऊपरी हिस्सा अचानक टूटकर नीचे आ गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं.
म्हाडा परिसर में टेक्सटाइल पार्क और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य चल रहा है. निर्माण कार्य के लिए परिसर में दो विशालकाय क्रेन लगाई गई थीं. इसी दौरान सुबह 10.30 बजे एक क्रेन का करीब 100 फीट ऊंचाई पर स्थित ऊपरी हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया. ऊंचाई से गिरा यह भारी हिस्सा पास में खड़ी दूसरी क्रेन से जा टकराया. हादसा इतना भीषण था कि निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए. कुछ ही पलों में परिसर का माहौल चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गया. चार मजदूर गंभीर रूप से जख्मी हो गए. घटना की पुलिस और दमकल को सूचना दी गई. घायल मजदूरों को अस्पताल पहुंचाया गया. जिनमें भंडारा निवासी विश्वनाथ कठाने और उत्तर प्रदेश के मुकेश निशाद को मृत घोषित कर दिया गया. अन्य दोनों घायलों को उपचार चल रहा है.
मौत से जूझ रही हैं दो जिंदगी
आखिर 100 फीट की ऊंचाई पर काम कर रही क्रेन का हिस्सा कैसे टूट गया यह सबसे बड़ा सवाल है. क्या निर्माण कार्य शुरू करने से पहले क्रेन की तकनीकी जांच की गई थी. क्या मशीनरी का नियमित मेंटेनेंस हो रहा था. और सबसे अहम, क्या मौके पर मजदूरों की जान बचाने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे. इन सवालों की पुलिस जांच कर रही है. इस निर्माण कार्य का ठेका म्हाडा की ओर से बी.जी. शिर्के कंस्ट्रक्शन टेक्नॉलजी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया गया है. बताया जाता है घटना के समय कंपनी के अधिकारी भी मौजूद थे. शहर में कई निजी और सरकारी बड़े प्रोजेक्ट चल रहे है. वहां सुरक्षा नियमों का पालन नहीं हो रहा है. हादसा होने के बाद ही यंत्रणा सक्रिय होती है.
बाईट : राहुल मदने डीसीपी जोन-3
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