पडोली रोड पर अज्ञात ट्रक ने गड़रिये को कुचला, 17 भेड़ें भी मरीं; ड्राइवर फरार
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मोरवा-पडोली मार्ग पर भेड़ों का झुंड ले जा रहे 43 साल के गड़रिये को पीछे से आए अज्ञात ट्रक ने टक्कर मार दी। पुलिस ने केस दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया है।
चंद्रपुर जिले में मोरवा-पडोली मार्ग पर एक दर्दनाक हादसा हुआ है। एक अज्ञात ट्रक ने भेड़ों का झुंड ले जा रहे 43 साल के गड़रिये को पीछे से टक्कर मार दी। गड़रिये की मौके पर ही मौत हो गई। उसके साथ 17 भेड़ें भी मारी गईं। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर गाड़ी लेकर भाग गया।
यह हादसा गुरुवार को 12.45 बजे के आसपास हुआ। तारीख गुरुवार की 29 बताई गई है। मोरवा से पडोली चौक की तरफ जाने वाले मुख्य रास्ते पर यह वारदात हुई। पडोली पुलिस ने इस मामले में अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
मृतक का नाम पद्माकर नारायण कोरेवार है। उनकी उम्र 43 साल थी और वे गडचिरोली जिले की चामोर्शी तहसील के रामाला गांव के रहने वाले थे। वे अपने दो साथियों के साथ कुछ दिनों से इसी इलाके में भेड़ें लेकर डेरा डाले हुए थे। हादसे वाले दिन तीनों भेड़ों का बड़ा झुंड लेकर मोरवा की तरफ से पडोली चौक की ओर मुख्य रास्ते पर निकले थे।
इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आए एक अज्ञात ट्रक के ड्राइवर ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए झुंड और सीधे गड़रिये को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पद्माकर कोरेवार के सिर और शरीर के बाकी हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। वे खून से लथपथ सड़क पर गिर पड़े और इलाज मिलने से पहले ही उनकी मौके पर मौत हो गई। उनके साथ चल रही 17 बेजुबान भेड़ों ने भी वहीं दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे इलाके में मातम का माहौल है।
हादसे की खबर मिलते ही पडोली पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक सुधाकर कोकोडे अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत मौके का पंचनामा किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
टक्कर मारने के बाद ट्रक ड्राइवर ने न तो रुककर किसी तरह की मदद की और न ही वहां ठहरा। वह अंधेरे और आवाजाही का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। उसे ढूंढना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। पडोली पुलिस स्टेशन में अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने मोरवा-पडोली मार्ग पर लगे अलग-अलग सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बारीकी से खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस निरीक्षक सुधाकर कोकोडे की देखरेख में मामले की आगे की जांच चल रही है।
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