पटना में मोदी के पिता पर टिप्पणी को लेकर खड़गे के खिलाफ शिकायत, बीजेपी का आंदोलन
पटना के कोतवाली पुलिस थाने में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज हुई है। कांग्रेस नेता उनके बचाव में उतरे हैं।
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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान से सियासत गरमा गई है। बिहार की राजधानी पटना में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर जो कहा, उस पर विवाद खड़ा हो गया है। खड़गे के खिलाफ पटना के कोतवाली पुलिस थाने में लिखित शिकायत दी गई है। बीजेपी ने बयान की निंदा करते हुए आंदोलन का ऐलान किया है। दूसरी तरफ कांग्रेस नेताओं ने खड़गे का साथ दिया है और उल्टे बीजेपी पर राजनीतिक हमला किया है। इससे दोनों पार्टियों के बीच टकराव और तेज होने के आसार हैं।
शिकायत बीजेपी की राज्य कार्यकारिणी समिति के सदस्य कृष्ण सिंह कल्लू ने दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप है कि खड़गे ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री और उनके पिता के बारे में अपमानजनक और असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया।
अब सियासी हलकों की नजर इस पर है कि इस शिकायत पर आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है। यह भी याद रखना जरूरी है कि शिकायत दर्ज होने का मतलब यह नहीं कि आरोप साबित हो गए।
खड़गे इन दिनों बिहार दौरे पर हैं। पटना के कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) से जुड़ी कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इसमें शामिल लोगों को जेल भेजा जाएगा।
बताया जाता है कि उस वक्त मौजूद लोगों में से एक ने प्रतिक्रिया दी कि मोदी नहीं जाएंगे। इसके जवाब में खड़गे ने कथित तौर पर कहा, "मोदी के पिता भी जाएंगे।" ऐसा दावा किया गया है। इस बयान के बाद बीजेपी आक्रामक हो गई, जबकि कांग्रेस ने खड़गे की बात का संदर्भ समझाने की कोशिश की।
बीजेपी ने खड़गे के बयान के विरोध में आंदोलन का आह्वान किया है। खबर है कि पार्टी ने 26 अक्टूबर की सुबह पटना के आयकर गोलंबर इलाके में खड़गे का पुतला जलाने की योजना बताई है। यह भी कहा गया है कि बीजेपी ने पूरे देश में आंदोलन करने का ऐलान किया है। इस आंदोलन से आने वाले दिनों में आरोप-प्रत्यारोप और तीखे हो सकते हैं।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने खड़गे का बचाव करते हुए बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा। खेड़ा का दावा है कि खड़गे भाषण दे रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने बीच में चिल्लाकर प्रतिक्रिया दी। उसे जवाब देते हुए खड़गे ने बीजेपी की वैचारिक भूमिका का हवाला दिया।
कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने भी खड़गे के बयान का समर्थन किया। उनका कहना था कि राजनीतिक भाषण के दौरान हुई बातचीत का संदर्भ ध्यान में रखना जरूरी है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के पहले दिए कुछ बयानों का जिक्र करते हुए बीजेपी के रुख पर सवाल उठाए।
एक तरफ बीजेपी इस बयान को प्रधानमंत्री का अपमान मान रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस का दावा है कि यह विरोधियों की नारेबाजी का जवाब था। इस तरह खड़गे के बयान से शुरू हुआ यह विवाद अब सियासी टकराव का नया केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर दोनों पार्टियों की और प्रतिक्रियाएं आ सकती हैं।
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