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मूल में विसर्जन जुलूस के दौरान तेज डीजे बजाने पर चार मंडलों के अध्यक्षों समेत 10 पर केस

चंद्रपुर जिले के मूल शहर में शारदा और दुर्गा देवी विसर्जन जुलूसों में तय सीमा से ज्यादा आवाज वाले डीजे पर पुलिस ने चार अलग-अलग केस दर्ज किए।

मूल में विसर्जन जुलूस के दौरान तेज डीजे बजाने पर चार मंडलों के अध्यक्षों समेत 10 पर केस तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

चंद्रपुर जिले के मूल शहर में 24 अक्टूबर को शारदा और दुर्गा देवी के विसर्जन जुलूस निकले थे। इन जुलूसों में तेज आवाज में डीजे बजाने के मामले में पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण को लेकर चार अलग-अलग केस दर्ज किए हैं। केस चार मंडलों के अध्यक्षों और डीजे चलाने वालों के खिलाफ बने हैं। कुल 10 लोगों पर कार्रवाई हुई है।

पुलिस के मुताबिक 24 अक्टूबर 2026 को शाम और रात के वक्त जुलूस चल रहे थे। गश्त के दौरान पुलिस ने ध्वनि मापक यंत्र से आवाज की जांच की। कई डीजे की आवाज तय सीमा से कहीं ज्यादा निकली। थाने के गोपनीय विभाग में काम करने वाले पुलिस कर्मचारी की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम 1951 की धारा 38 और 136 के तहत केस दर्ज हुए।

पहला मामला महात्मा फुले चौक से गांधी चौक के बीच का है। यहां परमेवरी दुर्गा मंडल के जुलूस में ट्रैक्टर और पिकअप ट्रैक पर MG पावर डीजे, पायल धुमाल और ब्लास्टर डीजे लगे थे। जांच में इनकी आवाज 102.5 डेसिबल, 112.8 डेसिबल और 98.02 डेसिबल निकली। पुलिस ने बार-बार कहा, फिर भी डीजे मालिक और चालकों ने आवाज कम नहीं की। मूल पुलिस स्टेशन में मंडल के अध्यक्ष प्रवीण मुरलीधर खानोरक और डीजे चालक पंकज गणपत नैताम, उमेश महादेवजी हुन्डे और रोहित विजय जुमडे पर केस दर्ज हुआ।

दूसरी कार्रवाई नाग मंदिर चौक, वार्ड क्रमांक 16 में हुई। यहां नाग गणेश शारदा महिला मंडल के जुलूस में बोलेरो पिकअप पर वीआईपी प्लस 77 नाम का डीजे बहुत तेज आवाज में बज रहा था। जांच में आवाज 98.46 डेसिबल मिली। पुलिस के कहने के बाद भी चालक ने ध्यान नहीं दिया। मंडल की अध्यक्ष श्रीमती वैशाली सचिन घुगरे और डीजे चालक यश विश्वास बोल्लीवार के खिलाफ केस दर्ज हुआ।

तीसरा मामला आंबेडकर चौक, ताडाळा रोड इलाके का है। सरस्वती शारदा महिला मंडल के जुलूस में टाटा योद्धा पिकअप पर 'साईबाबा डीजे' 94.39 डेसिबल की आवाज में बज रहा था, जो गश्ती दल को मिला। पुलिस वालों ने आवाज कम करने को कहा, पर चालक सुजित शरद रेड्डीवार ने अनसुना कर दिया। मूल पुलिस स्टेशन में मंडल की अध्यक्ष पुल्लाबाई विष्णू वालकोंडे और चालक सुजित शरद रेड्डीवार पर केस दर्ज हुआ।

चौथी कार्रवाई महात्मा फुले चौक इलाके में हुई। सार्वजनिक महिला मंडल, वार्ड क्रमांक 1 के जुलूस में टाटा 1110 मिनिट्रक पर 'गणराया डीजे' 94.40 डेसिबल की आवाज में बजाकर नियमों का उल्लंघन किया गया। पुलिस के कहने के बाद भी चालक मनीष अशोक खोब्रागडे ने आवाज कम नहीं की। मंडल की अध्यक्ष नंदिनी गणेश रामशेट्टीवार और चालक मनीष अशोक खोब्रागडे के खिलाफ केस दर्ज हुआ।

जुलूस में भारी भीड़ थी। कानून और व्यवस्था का सवाल खड़ा न हो, इसलिए पुलिस ने मौके पर ही डीजे का सामान जब्त नहीं किया। जुलूस खत्म होने के बाद कार्रवाई के डर से संबंधित डीजे गाड़ियां और चालक वहां से भाग गए। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से शहर में हलचल मच गई है। खास बात यह है कि जिले में अब तक ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले डीजे पर सबसे ज्यादा कार्रवाई मूल पुलिस ने की है।

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