नागपुर RTO ने 23 लग्जरी गाड़ियां ब्लैकलिस्ट कीं, रोड टैक्स चोरी का शक
नागपुर RTO ने महाराष्ट्र का मोटर वाहन टैक्स बचाने के शक में 23 लग्जरी गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट किया और ई-चालान जारी किए हैं।
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नागपुर रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) ने 23 लग्जरी गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। शक है कि इन गाड़ियों के मालिकों ने महाराष्ट्र का मोटर वाहन टैक्स बचाया है। इन सभी गाड़ियों के खिलाफ ई-चालान भी जारी हुए हैं। ये गाड़ियां नागपुर में खरीदी गईं, लेकिन इनका रजिस्ट्रेशन दूसरे राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में कराया गया। आरोप है कि ऐसा महाराष्ट्र में ज्यादा रोड टैक्स भरने से बचने के लिए किया गया।
नागपुर सिटी के रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर किरण बिडकर ने बताया कि जांच पूरी होने तक इन गाड़ियों से जुड़े आगे के कागजी लेन-देन रोकने के लिए उन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया है।
RTO अब अधिकृत मैन्युफैक्चरर सर्विस सेंटरों की सर्विस हिस्ट्री, FASTag के लेन-देन का रिकॉर्ड, बीमा के कागज और पollution Under Control (PUC) सर्टिफिकेट खंगाल रहा है। इन सबके आधार पर पता लगाया जाएगा कि गाड़ियां असल में कैसे और कहां चल रही थीं। इसके बाद ही टैक्स की मांग जारी की जाएगी।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि गाड़ियां नागपुर में खरीदी गईं और उनका रजिस्ट्रेशन दादरा और नगर हवेली व दमन और दीव, चंडीगढ़ और पंजाब जैसी जगहों पर हुआ, जहां रोड टैक्स की दरें कम हो सकती हैं। शक यह है कि गाड़ियां ज्यादातर महाराष्ट्र में चलती हैं, फिर भी रजिस्ट्रेशन बाहर कराया गया। RTO यह देख रहा है कि इन रजिस्ट्रेशन और उसके बाद के इस्तेमाल से मोटर वाहन टैक्स और रजिस्ट्रेशन के नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 47 के मुताबिक, जो गाड़ी किसी दूसरे राज्य में 12 महीने से ज्यादा रखी जाती है, उसे आम तौर पर उस राज्य में नया रजिस्ट्रेशन मार्क लेना होता है। यह लागू प्रावधानों के अधीन है।
बिडकर के मुताबिक महाराष्ट्र की मोटर वाहन टैक्स दरों और कुछ दूसरे इलाकों की दरों में काफी फर्क है। RTO के अनुसार महाराष्ट्र में व्यक्तिगत नाम पर रजिस्टर्ड पेट्रोल कारों पर 13 फीसदी, व्यक्तिगत नाम पर रजिस्टर्ड डीजल कारों पर 15 फीसदी और इंपोर्टेड गाड़ियों व कंपनी या कॉरपोरेट नाम पर रजिस्टर्ड कारों पर 20 फीसदी टैक्स लगता है। दर गाड़ी की श्रेणी और टैक्स के संबंधित प्रावधानों पर निर्भर करती है। दरों का यह फर्क भी जांच में देखे जा रहे कारणों में से एक है।
एक मामले में नागपुर RTO की टीम ने दीक्षाभूमि के पास एक नई खरीदी BMW X1 M Sport को रोका और कार्रवाई के तहत ई-चालान जारी किया। यह मामला उस बड़ी जांच का हिस्सा है, जिसमें महाराष्ट्र के बाहर रजिस्टर्ड उन लग्जरी गाड़ियों को परखा जा रहा है जो राज्य के टैक्स और रजिस्ट्रेशन की शर्तें पूरी किए बिना नागपुर में चलती बताई जा रही हैं।
RTO ने कहा है कि जांच के बाद जिन गाड़ियों के मालिक जिम्मेदार पाए जाएंगे, उन्हें लागू टैक्स की बकाया रकम भरनी होगी। सर्विस रिकॉर्ड, FASTag डेटा, बीमा के कागज और PUC दस्तावेजों की जांच से अधिकारियों को यह तय करने में मदद मिलने की उम्मीद है कि महाराष्ट्र के टैक्स से बचा गया या नहीं। 23 गाड़ियों पर यह कार्रवाई नागपुर RTO की उस मुहिम का हिस्सा है, जो राज्य के बाहर रजिस्टर्ड लग्जरी कारों में रोड टैक्स चोरी के शक की पड़ताल के लिए चल रही है।