मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

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10:14 IST

चंद्रपुर में 22 अक्टूबर से खाद खरीदने के लिए एफएफएस सिस्टम होगा लागू

कृषि विभाग की एफएफएस प्रणाली के तीसरे चरण में चंद्रपुर जिला शामिल, किसान ऐप से पहले रजिस्ट्रेशन करेंगे।

चंद्रपुर में 22 अक्टूबर से खाद खरीदने के लिए एफएफएस सिस्टम होगा लागू तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

चंद्रपुर जिले के किसानों के लिए खाद खरीदने का तरीका 22 अक्टूबर 2026 से बदल रहा है। कृषि विभाग खाद की खरीद को आसान बनाने के लिए एफएफएस प्रणाली लागू करने जा रहा है। इस प्रणाली के तीसरे चरण में चंद्रपुर जिले को शामिल किया गया है और अधिकृत जानकारी के मुताबिक इसकी शुरुआत 22 अक्टूबर 2026 से होगी।

कृषि विभाग यह प्रणाली 'एग्रीस्टैक' के तहत चला रहा है। इसका पूरा नाम 'फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइज़र सेल' (एफएफएस) है। मकसद यह है कि किसान रासायनिक खाद आसान और पारदर्शी तरीके से खरीद सकें। किसान मोबाइल ऐप के जरिए खाद की पहले से रजिस्ट्रेशन करेंगे और फिर क्यूआर कोड दिखाकर अधिकृत विक्रेता से खाद लेंगे।

रजिस्ट्रेशन के लिए किसान को गूगल प्ले स्टोर से अधिकृत 'एफएफएस' ऐप डाउनलोड करना होगा और राज्य चुनना होगा। इसके बाद आधार प्रमाणीकरण से, या किसान पहचान क्रमांक (फार्मर आईडी) और ओटीपी से लॉगिन करना होगा। ऐप में अपनी या किराये की जमीन का जिला, तालुका, गांव, सर्वे नंबर और बोई गई फसल की जानकारी भरनी होगी।

कृषि विश्वविद्यालय की या खाद इस्तेमाल की सिफारिश के हिसाब से किसान जरूरी खाद का प्रकार और बोरियों की संख्या चुन सकेंगे। एक ही आवेदन में एक से ज्यादा खादों की मांग दर्ज करने की सुविधा भी है। फिर नजदीकी रजिस्टर्ड कृषि सेवा केंद्र में उपलब्ध स्टॉक देखकर विक्रेता चुनना होगा। खाद लेने किसान खुद जाएगा या उसका प्रतिनिधि, यह जानकारी दर्ज करके प्रमाणीकरण पूरा करना होगा।

रजिस्ट्रेशन पूरा होने पर किसान को अलग टोकन और क्यूआर कोड मिलेगा। यह कोड 72 घंटे तक वैध रहेगा और इसी दौरान चुने हुए विक्रेता को दिखाकर खाद खरीदनी होगी। विक्रेता कोड स्कैन करके खाद देगा और लेन-देन की रसीद उपलब्ध कराएगा। मियाद खत्म हो गई तो दोबारा रजिस्ट्रेशन करना पड़ेगा।

बताया गया है कि इससे खाद के उपलब्ध स्टॉक, मांग और बिक्री की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। खाद का गैरजरूरी स्टॉक, कृत्रिम किल्लत, कालाबाजारी और खाद के साथ दूसरे प्रोडक्ट खरीदने की जबरदस्ती यानी 'लिंकिंग' जैसी गड़बड़ियों पर रोक लगाना संभव होगा। किसान फसल की जरूरत के हिसाब से खाद चुन सकेंगे, दुकानों के सामने लगने वाली कतारें कम होंगी और वक्त व मेहनत की बचत होगी।

जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी शंकर तोटावार और कृषि विकास अधिकारी विरेंद्र राजपूत ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे अधिकृत एफएफएस ऐप का इस्तेमाल करें, जमीन और फसल की जानकारी सही-सही दर्ज करें और खाद खरीदने के लिए इस डिजिटल सुविधा का फायदा लें।

रजिस्ट्रेशन, फार्मर आईडी, क्यूआर कोड या खाद खरीद की प्रक्रिया में कोई दिक्कत आए तो संबंधित तालुका कृषि अधिकारी कार्यालय या पंचायत समिति के कृषि विभाग से संपर्क करने को कहा गया है। यह जानकारी कृषि विभाग ने दी है।

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