ट्रेन में इमरजेंसी हो तो चेन खींचने के अलावा ये तीन रास्ते भी हैं
सफर में मेडिकल इमरजेंसी या सुरक्षा की दिक्कत हो तो 139 नंबर, Rail Madad ऐप और इमरजेंसी टॉक-बैक बटन से भी मदद मिल सकती है।
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ट्रेन में सफर करते वक्त अचानक कोई मेडिकल इमरजेंसी आ जाए, किसी का सामान चोरी हो जाए या कोई और दिक्कत खड़ी हो जाए, तो ज्यादातर यात्री डिब्बे में लगी लाल चेन खींच देते हैं। चेन खिंचते ही ट्रेन रुक जाती है और अधिकारी मदद के लिए पहुंचते हैं।
लेकिन छोटी-मोटी परेशानियों के लिए रेलवे की यह चेन खींचना मना है। ऐसा करने पर भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। ऐसे में यह जान लेना काम आएगा कि चेन के अलावा मदद के और कौन-से तरीके मौजूद हैं।
पहला तरीका 139 नंबर है। यह भारतीय रेलवे का वन स्टॉप सॉल्यूशन नंबर है। सफर के दौरान मेडिकल इमरजेंसी हो या सुरक्षा से जुड़ी कोई भी दिक्कत, आप इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं। आपका कॉल सीधे रेलवे कंट्रोल रूम से जुड़ जाएगा। वहां आपको बस अपना पीएनआर नंबर और अपनी समस्या बतानी है। इसके बाद अगले स्टेशन पर आपके लिए मदद पहुंचाई जाएगी।
दूसरा तरीका रेलवे का आधिकारिक ऐप है, जिसे आप जरूरत के वक्त इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए अपने मोबाइल फोन में Rail Madad ऐप इंस्टॉल कर लीजिए। इस ऐप से किसी को फोन किए बिना ही अपनी शिकायत दर्ज की जा सकती है। आप चाहें तो फोटो भी अपलोड कर सकते हैं। अपने पीएनआर नंबर के साथ यहां अपनी समस्या बतानी होती है। इसके बाद रेलवे सिस्टम आपकी लोकेशन ट्रैक करेगा और आप तक मदद पहुंचाएगा।
तीसरा तरीका 'इमरजेंसी टॉक-बैक' बटन है, जिसे रेलवे ने हाल ही में ट्रेनों में शुरू किया है। यह सुविधा कई ट्रेनों में उपलब्ध है। डिब्बे में लगे इस बटन को दबाइए और बोलकर अपनी समस्या बता दीजिए। इसके जरिए आप सीधे लोको पायलट या गार्ड से संपर्क कर सकते हैं और उन्हें अपनी परेशानी बता सकते हैं।
यानी मोबाइल की मदद से भी रेलवे तक शिकायत पहुंचाई जा सकती है, और कुछ ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए खास इमरजेंसी सुविधाएं भी दी गई हैं। छोटी समस्याओं के लिए चेन खींचना मना है और उस पर भारी जुर्माना लग सकता है, इसलिए अगली बार दिक्कत आए तो 139 नंबर, Rail Madad ऐप और टॉक-बैक बटन जैसे इन विकल्पों को याद रखिए।