मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
12:04 IST

मिल मज़दूरों के लिए घर के नियम बदले, 15 लाख में तैयार फ्लैट खरीदेगी म्हाडा

महाराष्ट्र सरकार के गृहनिर्माण विभाग ने मुंबई की बंद और बीमार कपड़ा मिलों के पात्र कामगारों और उनके वारिसों को एमएमआर में घर देने के नियम बदले हैं।

मिल मज़दूरों के लिए घर के नियम बदले, 15 लाख में तैयार फ्लैट खरीदेगी म्हाडा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मुंबई की बंद और बीमार कपड़ा मिलों के पात्र कामगारों और उनके वारिसों को एमएमआर में घर देने के लिए राज्य सरकार के गृहनिर्माण विभाग ने नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। सरकार ने सोमवार को एक नया आदेश जारी किया है। यह आदेश 15 मार्च 2024 के मूल सरकारी निर्णय में अहम बदलाव करता है।

नए निर्णय के मुताबिक निजी डेवलपरों के लिए जमीन की जो कड़ी शर्त थी, उसे कम कर दिया गया है। प्रोजेक्टों में एफएसआई भी बढ़ाया गया है, जिससे घर बनाने की रफ्तार बढ़ने का रास्ता खुल गया है। इसके अलावा 15 लाख रुपये में रहने के लिए तैयार घर उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू हो गई है। इससे मुंबई के मिल कामगारों को जल्द ही सस्ते घर मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

1982 की ऐतिहासिक हड़ताल के बाद मुंबई की 58 कपड़ा मिलें बंद या बीमार घोषित कर दी गई थीं। कई कामगार संगठन राज्य सरकार से मांग कर रहे हैं कि इन मिलों के हजारों पात्र कामगारों और उनके वारिसों को घर दिए जाएं। उन्हें जल्दी घर मिल सकें, इसके लिए सरकार ने अपनी मूल नीति में आंशिक सुधार करने का फैसला किया है।

सरकारी निर्णय के प्रमुख प्रावधानों में मॉडल 2 और 3 के तहत निजी डेवलपरों को मंजूर लेआउट पर घर बनाने के लिए रखी गई 30 एकड़ जमीन की शर्त हटा दी गई है। अब डेवलपर के पास कम से कम एक एकड़ जमीन हो, या उसके पास हस्तांतरणीय न होने वाला मुख्तारनामा (पावर ऑफ अटॉर्नी) हो, तब भी वह काम शुरू कर सकता है।

नियोजन यह है कि मिल कामगारों को तुरंत छत देने के लिए सरकार ने म्हाडा के जरिए निजी बिल्डरों से रहने के लिए तैयार फ्लैट खरीदने की योजना बनाई है। नए नियमों के तहत म्हाडा मुंबई महानगर प्रदेश के ऐसे प्रोजेक्ट वाले डेवलपरों से रुचि की अभिव्यक्ति (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) मंगाएगी, जिनमें कम से कम 100 रहने लायक तैयार फ्लैट हों। इस नीति के तहत बिल्डर से फ्लैट अधिकतम 15 लाख रुपये या स्थानीय रेडी रेकनर दर, इनमें से जो कीमत कम होगी, उस दर पर खरीदे जाएंगे।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे