मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:46 IST

नागपुर में सड़क हादसों में मौतें 27 फीसदी घटीं, आठ महीनों में 57 जानें कम गईं

जनवरी से अगस्त 2026 के बीच नागपुर में सड़क हादसों में 156 लोगों की जान गई, जबकि पिछले साल इसी दौरान 213 मौतें हुई थीं।

नागपुर में सड़क हादसों में मौतें 27 फीसदी घटीं, आठ महीनों में 57 जानें कम गईं
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नागपुर की सड़कों पर हादसों में मरने वालों की तादाद इस साल काफी कम हुई है। 2026 के पहले आठ महीनों में सड़क हादसों में होने वाली मौतें पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 27 फीसदी घटी हैं। मौतों में गिरावट के प्रतिशत के हिसाब से नागपुर महाराष्ट्र में दूसरे नंबर पर है। पहले नंबर पर अकोला है, जहां 28 फीसदी की कमी दर्ज हुई।

राज्य स्तर के हादसों के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से अगस्त 2026 के बीच नागपुर में 711 सड़क हादसे हुए। इनमें 156 लोगों की मौत हुई और 728 लोग घायल हुए। 2025 में इसी अवधि में शहर में 840 हादसे हुए थे, जिनमें 213 लोगों की जान गई थी और 817 लोग घायल हुए थे।

इस हिसाब से हादसों में 15 फीसदी, मौतों में 27 फीसदी और घायलों की संख्या में 11 फीसदी की कमी आई है। आठ महीनों में शहर में 129 हादसे कम हुए और 57 मौतें कम हुईं।

यह गिरावट ऐसे वक्त आई है जब रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) और नागपुर ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती और सड़क सुरक्षा के कई कदम तेज किए हैं। RTO (सिटी) किरण बिडकर ने ट्रैफिक नियमों का पालन बढ़ाने के लिए कई अभियानों की अगुवाई की। वहीं DCP (ट्रैफिक) आदित्य मिरखेलकर की निगरानी में ट्रैफिक पुलिस ने गश्त और कार्रवाई बढ़ाई है।

ऑपरेशन U-Turn समेत कई खास अभियान उन उल्लंघनों पर केंद्रित रहे, जिन्हें हादसों की बड़ी वजह माना जाता है। पुलिस ने हादसों की आशंका वाली जगहों पर निगरानी बढ़ाई, गाड़ियों की जांच की और ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की।

सख्ती के साथ RTO ने जागरूकता अभियान भी बढ़ाया है। स्कूल और कॉलेज के छात्रों, ऑटो-रिक्शा चालकों और स्कूल बस चलाने वालों के लिए कार्यक्रम हुए। सुरक्षित ढंग से गाड़ी चलाने की आदत डालने के लिए हेलमेट रैली, वॉकथॉन, सेहत और आंखों की जांच के शिविर जैसी गतिविधियां भी हुईं।

दो साल से लगातार गिरावट

नागपुर में हादसों के आंकड़े पिछले दो साल से नीचे की ओर जा रहे हैं। 2024 में शहर में 1,255 हादसे हुए और 345 लोगों की मौत हुई थी। 2025 में हादसे घटकर 1,153 और मौतें 270 रह गईं। अधिकारियों ने इस गिरावट की वजह लगातार सख्ती और सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों को बताया।

ताजा आंकड़े बताते हैं कि यह सिलसिला 2026 में भी जारी है। फिर भी चुनौती बड़ी है। गिरावट के बावजूद जनवरी से अगस्त के बीच नागपुर में हर हफ्ते औसतन 19 से ज्यादा सड़क हादसे हुए और करीब छह मौतें हुईं।

ट्रैफिक पुलिस और RTO के अधिकारियों ने वाहन चालकों से सड़क पर अनुशासन रखने, रफ्तार की सीमा और बाकी ट्रैफिक नियम मानने, और हमेशा हेलमेट और सीट बेल्ट इस्तेमाल करने की अपील की है।

अधिकारियों का कहना है कि साल के बाकी महीनों में मौतों में यह कमी बनाए रखने और नागपुर की सड़कों को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए लोगों का लगातार सहयोग जरूरी होगा।

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