टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग: कोटा स्टेशन से तीन संदिग्ध 48 घंटे की पुलिस कस्टडी में
मुंबई पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और एआई फेस रिकग्निशन की मदद से तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मुंबई के जुहू में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने सोमवार, 19 अक्टूबर को यह जानकारी दी। बताया जा रहा है कि वारदात के करीब 15 घंटे के भीतर ही यह कार्रवाई हो गई। तीनों को अब 48 घंटे की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल ये सब आरोप हैं और जांच के नतीजे आना बाकी है।
वारदात रविवार, 18 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7 बजे की है। टाइगर श्रॉफ जुहू के पुष्पा नरसी पार्क में फुटबॉल खेलने गए थे। बताया गया है कि वे हर रविवार करीब 2 घंटे इसी पार्क में खेलने आते हैं। खेलने के बाद वे अपनी बीएमडब्ल्यू कार से घर लौट रहे थे, तभी बाइक पर सवार तीन अनजान हमलावरों ने कार की तरफ गोलियां चला दीं। उस वक्त आसपास फैंस की भीड़ थी, अचानक गोलियां चलने से लोगों में दहशत फैल गई। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
गोलियां कितनी चलीं, इस पर अलग-अलग बातें सामने आई हैं। एक जानकारी के मुताबिक पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने कुल 5 गोलियां चलाईं, जबकि एक और रिपोर्ट में 7 राउंड फायरिंग की बात कही गई है। टाइगर श्रॉफ को गोली नहीं लगी और पुलिस के मुताबिक वे सुरक्षित हैं। हालांकि एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बारूद और टूटे कांच से उन्हें मामूली चोटें आईं, तो एक दूसरी रिपोर्ट में अभिनेता को भी घायल बताया गया है।
घायलों में उनके ड्राइवर फिरदौस का नाम है, जिनके बाएं हाथ में गोली लगी। एक और शख्स भी जख्मी हुआ। इस दूसरे घायल के बारे में भी एक राय नहीं है। किसी ने उसे पास खड़ा राहगीर बताया, किसी ने ऑटोरिक्शा चालक। एक रिपोर्ट में राहगीर का नाम उमेश चव्हाण है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में उमेश चौहान को ड्राइवर बताकर उनके इलाज की बात कही गई है। एक खबर के मुताबिक ड्राइवर को पहले नानावटी अस्पताल ले जाया गया और उनके घायल होने के बाद टाइगर ने खुद गाड़ी चलाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया। दूसरी खबर के मुताबिक घायल को पहले जुहू के कूपर अस्पताल में भर्ती किया गया था और 19 अक्टूबर की आधी रात को आगे के इलाज के लिए मुंबई के केईएम अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों के हिसाब से गोली का दिल या फेफड़ों पर कोई गंभीर असर नहीं पड़ा है, हालत स्थिर है और इमर्जेंसी आईसीयू में कार्डियोवैस्कुलर और थोरेसिक सर्जरी की टीम उनकी देखरेख कर रही है। पुलिस ने ड्राइवर का बयान दर्ज कर लिया है।
जुहू पुलिस ने तीन अनजान लोगों पर भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 109(1) और 3(5) के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 3 और 25 में केस दर्ज किया है। धारा 109(1) हत्या की कोशिश से जुड़ी है और धारा 3(5) कई लोगों के साझा इरादे से किए जुर्म पर लगती है। मामला अब मुंबई क्राइम ब्रांच के पास है। हमलावरों को ढूंढने और हमले की वजह जानने के लिए मुंबई पुलिस ने 15 टीमें लगाई थीं। सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई, फोरेंसिक सबूत जुटाए गए और हमले में इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल का भी पता लगा लिया गया।
पुलिस के मुताबिक हमलावर वारदात के बाद बाइक से अंधेरी रेलवे स्टेशन के इलाके में पहुंचे, वहां बाइक छोड़ी और ट्रेन पकड़ ली। अंधेरी स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज में उनके चेहरे दिखने की बात कही जा रही है और उसी के आधार पर एआई फेस रिकग्निशन से उनकी पहचान की गई। बताया जाता है कि वे रविवार रात 10 बजकर 10 मिनट पर वसई से जयपुर जाने वाली ट्रेन में बैठे और सोमवार सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर कोटा जंक्शन पहुंचे। इस ट्रेन को पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस बताया गया है और कहा गया है कि संदिग्ध उसके जनरल कोच में थे। चर्चा है कि वे पहले दिल्ली जाते और फिर वहां से नेपाल निकल जाते। यह भी कहा जा रहा है कि पुलिस को चकमा देने के लिए उन्होंने कपड़े बदले और बाल कटवाकर हुलिया बदलने की कोशिश की।
कोटा की पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम के मुताबिक मुंबई पुलिस से खबर मिलते ही राजस्थान पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस उपअधीक्षक और साइबर सेल की टीम को अलर्ट किया गया। एक रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने मिलकर कार्रवाई की। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही डिब्बों की तलाशी शुरू हुई और सिर्फ 15 मिनट में घेराबंदी करके तीनों को पकड़ लिया गया। राजस्थान पुलिस इन्हें आगे की पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस के हवाले करेगी।
पकड़े गए लोगों की पहचान को लेकर भी कुछ फर्क है। एक नाम रेहान का है, जिसे रिहान उर्फ सुक्का भी बताया गया है। उसकी उम्र 18 साल है, वह हरियाणा के सोनीपत की ईदगाह कॉलोनी का रहने वाला है और उसे मुख्य संदिग्ध माना जा रहा है। उस पर पहले भी मामले दर्ज होने की बात कही जाती है, और शक है कि हमले की प्लानिंग में उसकी अहम भूमिका थी। दूसरा नाम ऋतिक का है, जिसे ऋतिक कुमार उर्फ रोशन और रितिक कुर्मी, दोनों लिखा गया है। वह 22 साल का है, मूल रूप से बिहार के बेगूसराय जिले के पिपराई गांव का है और अंधेरी पश्चिम में रहकर रैपिडो राइडर का काम करता है। तीसरा संदिग्ध 17 साल का नाबालिग है, जो हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। नाबालिग होने की वजह से उसका नाम जाहिर नहीं किया गया। आरोप है कि उसने टाइगर की कार की खिड़की के पास बंदूक तानकर गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन बंदूक में खराबी आ गई।
इस मामले में अनिल पंडित का नाम बार-बार आ रहा है, जिसे लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया जाता है। आरोप है कि उसने फायरिंग के लिए तीनों को 34 हजार रुपये की सुपारी दी और गोली चलते वक्त वह मोबाइल पर उनके संपर्क में था। यह भी कहा गया है कि पुलिस की नजर से बचने के लिए ये लोग सिग्नल ऐप पर उससे लगातार बात करते थे। जांच में सामने आया है कि होटल, खाने और टैक्सी का खर्च ऑनलाइन चुकाया जा रहा था। सूत्रों का दावा है कि पिछले करीब 20 दिनों से टाइगर के घर, जिम और उन जगहों की रेकी की गई थी जहां वे आते-जाते हैं, और पैपराजी व ब्लॉगरों के जरिए उनके शेड्यूल पर नजर रखी जाती थी। एक पुलिस अफसर के मुताबिक आरोपियों ने शायद अभिनेता का पीछा किया और उनके पार्क पहुंचने तक गेट के बाहर इंतजार किया, पर यह अभी जांच का हिस्सा है।
वारदात के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट आई, जो अनिल पंडित और हरमन संधू के नाम से बताई गई। साथ में एक ऑडियो क्लिप का भी जिक्र है। उसमें बिश्नोई गैंग के नाम पर जिम्मेदारी ली गई और सलमान खान के साथ काम करने वाले फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को चेतावनी दी गई। पुलिस इस दावे को परख रही है, लेकिन गैंग के सीधे शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। पुलिस ने यह भी बताया कि टाइगर ने पहले धमकी भरे फोन की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।
हथियार को लेकर भी तस्वीर साफ नहीं है। शक है कि देसी पिस्तौल इस्तेमाल हुई और शुरुआती फोरेंसिक जांच में कुछ अहम सुराग मिले हैं, पर अंतिम नतीजा रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा। कोटा पुलिस के मुताबिक पकड़े गए तीनों के पास से कोई हथियार नहीं मिला, इसलिए पूछताछ में यह भी पता किया जाएगा कि हथियार कहां रखे गए, किसे दिए गए या रास्ते में फेंक दिए गए। जांच इन सवालों पर भी है कि हथियार किसने दिए, पैसे की मदद किसने की, नेपाल में किसके भरोसे पनाह लेनी थी और साजिश में और कौन शामिल था।
घटना के बाद बांद्रा के कार्टर रोड पर टाइगर के घर के बाहर पुलिस का बंदोबस्त बढ़ा दिया गया है। कथित धमकियों के बीच सलमान खान के घर के आसपास भी सख्ती की गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और श्रॉफ व उनके परिवार को भरोसा दिलाया है कि पूरी जांच होगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। अब पुलिस का ध्यान हमले की असल वजह, हर आरोपी की भूमिका और कथित गैंग कनेक्शन की पुष्टि पर है।