महाराष्ट्र में पूरे साल सड़कों पर पटाखे फोड़ना मना, MPCB ने बताए हाई कोर्ट के निर्देश
MPCB ने सार्वजनिक सूचना जारी कर बताया कि बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक सार्वजनिक सड़कों पर पटाखों पर रोक पूरे साल और सभी त्योहारों में रहेगी।
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नागपुर: पटाखों से फैलने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण को काबू में रखने के लिए महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB) ने एक सार्वजनिक सूचना जारी की है। इसमें लोगों को बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों की जानकारी दी गई है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक सार्वजनिक सड़कों और दूसरी तय जगहों पर पटाखे फोड़ने पर रोक पूरे साल और सभी त्योहारों के दौरान लागू रहेगी।
हाई कोर्ट ने 15 अक्टूबर 2026 को निर्देश दिया था कि उसका 22 सितंबर का पुराना आदेश पूरे साल और सभी त्योहारों पर लागू होगा। इसके तहत सार्वजनिक सड़कों, गलियों, रास्तों और फुटपाथों पर पटाखे फोड़ने की इजाजत नहीं होगी। अस्पताल, सरकारी कार्यालय, कोर्ट और स्कूल के आसपास के साइलेंस जोन में भी पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।
कोर्ट ने त्योहारों और जुलूसों में लेजर लाइट, बहुत तेज तीव्रता वाली लाइट और हाई-इंटेंसिटी बीम के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने को कहा है।
पुलिस और संबंधित अधिकारियों से कहा गया है कि वे ध्वनि प्रदूषण पर नजर रखें। जो लोग बिना इजाजत या नियम तोड़कर साउंड सिस्टम चलाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। आयोजकों को तय ध्वनि सीमा और इजाजत की शर्तों का पालन करना पड़ेगा।
MPCB की सूचना में ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 का भी जिक्र है। इसके तहत रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक आवाज करने वाले पटाखे फोड़ना मना है। बोर्ड ने लोगों से अपील की है कि वे कम आवाज और कम वायु प्रदूषण वाले ग्रीन पटाखों को तरजीह दें और लागू नियमों का पालन करें।
MPCB ने चेतावनी दी है कि कोर्ट के निर्देशों और नियमों को तोड़ने पर लागू कानूनों के तहत कार्रवाई हो सकती है। इनमें ध्वनि प्रदूषण नियम, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986, भारतीय न्याय संहिता, 2023 और विस्फोटक अधिनियम, 1884 के प्रावधान शामिल हो सकते हैं।
पटाखों से निकलने वाला धुआं और बारीक कण हवा का प्रदूषण बढ़ाते हैं। इसका खास असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या दिल की तकलीफ से जूझ रहे लोगों पर पड़ सकता है।
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार, नगर निकायों और MPCB को निर्देश दिया है कि वे लोगों तक यह जानकारी पहुंचाएं। इसके लिए स्कूलों, समाचार माध्यमों, सोशल मीडिया, सार्वजनिक घोषणाओं और बसों व ट्रेनों में जागरूकता संदेश चलाए जाएंगे। पर्यावरण से जुड़ी शिकायतों के लिए MPCB ने महा पर्यावरण ऐप का भी जिक्र किया है।
एक जरूरी बात साफ कर दी गई है। यह आदेश सार्वजनिक सड़कों, गलियों, फुटपाथों और साइलेंस जोन में पटाखे फोड़ने पर रोक से जुड़ा है। इसे पूरे महाराष्ट्र में पटाखों के निर्माण और बिक्री पर पूरी रोक नहीं समझना चाहिए।
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