सऊदी में फंसे नागपुर के 20 से ज्यादा उमराह यात्री, घर लौटने के लिए सड़क और विमान का रास्ता
मध्य-पूर्व में तनाव और उड़ानों में रुकावट के बीच नागपुर के 20 से अधिक उमराह यात्री सऊदी अरब में फंसे हैं, जबकि 300 से ज्यादा लौट चुके हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और हवाई उड़ानों में आ रही रुकावट का असर अब नागपुर के उमराह यात्रियों पर साफ दिख रहा है। धार्मिक यात्रा के लिए सऊदी अरब गए शहर के 20 से अधिक यात्री अभी भी वहीं फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित वतन लाने की कोशिशें लगातार चल रही हैं।
राहत की बात यह है कि पिछले 15 दिनों में 300 से ज्यादा यात्री नागपुर लौट चुके हैं। दूसरी तरफ, करीब 500 यात्री ऐसे हैं जो उमराह के लिए सऊदी अरब जाने की तैयारी में हैं और अपनी यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
फंसे हुए यात्रियों की दिक्कत इसलिए भी बढ़ी है कि उन्हें सऊदी अरब से सीधे भारत आने के बजाय दूसरे रास्तों से लौटना पड़ रहा है। मदीना से ओमान की राजधानी मस्कट तक सड़क के रास्ते करीब 30 से 35 घंटे का लंबा सफर करना पड़ सकता है। इन यात्रियों में महिलाएं और बुजुर्ग भी काफी हैं, इसलिए घरवालों को उनकी सुरक्षित वापसी की चिंता सता रही है।
मध्य-पूर्व के तनाव से हवाई यातायात पर असर पड़ा है, इसलिए वापसी की योजना बदलनी पड़ी है। सुरक्षा हालात और उड़ानों में आ रही रुकावट की वजह से कुछ एयरलाइंस की सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इसी का असर नागपुर से गए यात्रियों पर भी पड़ा है।
निजी टूर ऑपरेटरों के मुताबिक सऊदी अरब में अब भी 20 से अधिक यात्री फंसे हैं। पहले उन्हें सड़क से ओमान के मस्कट पहुंचाने का इंतजाम हो रहा है। उसके बाद उन्हें विमान से मुंबई या हैदराबाद भेजा जाएगा और वहां से नागपुर लाने की व्यवस्था की जाएगी।
फिर भी लंबा सड़क सफर, सफर की अनिश्चितता और उड़ानों की उपलब्धता यात्रियों के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है। परिजन हर पल उनकी सुरक्षित वापसी की खबर का इंतजार कर रहे हैं।
परेशानी सिर्फ सफर तक सीमित नहीं है। भारत लौटने के लिए हवाई टिकट बहुत महंगे हो गए हैं। यात्रियों और उनके परिजनों के मुताबिक वैकल्पिक उड़ानों के टिकट महंगे मिल रहे हैं और कुछ उड़ानों में एक तरफ का किराया 50 हजार रुपये तक बताया जा रहा है। आम हालात में नागपुर या मुंबई से सऊदी अरब का किराया करीब 38 हजार रुपये के आसपास पड़ता है, इसलिए यह यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। किराया और उड़ानें बदलती रहने से वापसी की योजना बनाना भी मुश्किल हो रहा है।
300 से ज्यादा यात्रियों के लौटने से उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है, मगर कई परिवारों की चिंता खत्म नहीं हुई है, क्योंकि उनके अपने अब भी सऊदी अरब में हैं। लौटे यात्रियों के मुताबिक मक्का, मदीना और मस्कट के रास्ते घर पहुंचना आसान नहीं था। लंबी सड़क यात्रा और आगे की उड़ान के इंतजाम के बीच उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी। मुंबई के रास्ते नागपुर पहुंचने के बाद ही उन्हें राहत मिली।
उमराह यात्री इमरान शेख ने बताया कि मक्का, मदीना और मस्कट होकर घर आने का सफर काफी मुश्किल रहा। उनके मुताबिक इस दौरान घरवाले लगातार फिक्र में थे। वहीं सलीम अंसारी के परिवार के सदस्य सऊदी अरब में अब भी फंसे हैं। उन्होंने कहा कि टिकट और वापसी के सफर की साफ जानकारी नहीं मिल रही, इसलिए परिवार की चिंता बनी हुई है। उनकी सबसे बड़ी इच्छा यही है कि परिवार के लोग सुरक्षित घर लौट आएं।
निजी टूर ऑपरेटर नदीम कुरैशी के मुताबिक पिछले 15 दिनों में 300 से ज्यादा यात्री नागपुर लौटे हैं और 20 से अधिक अब भी सऊदी अरब में हैं। उन्हें सड़क से मस्कट लाने का इंतजाम हो रहा है, फिर मुंबई या हैदराबाद की उड़ानों से भारत और वहां से नागपुर पहुंचाने की योजना है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में वैकल्पिक रास्तों और उड़ानों का इंतजाम करना जरूरी हो गया है, और सभी यात्रियों को सुरक्षित घर पहुंचाना पहली प्राथमिकता है।
फिलहाल नागपुर के उमराह यात्रियों और उनके परिवारों की नजर सुरक्षित वापसी पर टिकी है। फंसे यात्रियों के परिवार जल्द अच्छी खबर मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।