सरकारी योजनाओं का फायदा आखिरी तबके तक पहुंचे, प्रशासन मिलकर करे काम: मंत्री अतुल सावे
पुणे में राज्यस्तरीय निवासी प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन पर मंत्री अतुल सावे ने प्रशासन से तालमेल के साथ काम करने को कहा।
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पुणे में हुए एक कार्यक्रम में मंत्री अतुल सावे ने कहा कि सरकारी योजनाओं का फायदा समाज के आखिरी तबके तक पहुंचाना है तो प्रशासन को आपसी तालमेल से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि योजनाओं को असरदार तरीके से लागू करने पर जोर दिया जाए।
सावे इतर मागास बहुजन कल्याण, दुग्धविकास, अपारंपरिक ऊर्जा और दिव्यांग कल्याण विभाग के मंत्री हैं। वे 'वनार्टी' के अध्यक्ष भी हैं। वे राज्यस्तरीय निवासी प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे।
यह शिविर क्रांतिसूर्य महात्मा ज्योतिराव फुले के द्विजन्मशताब्दी वर्ष के मौके पर रखा गया है। इसे महाराष्ट्र सरकार के इतर मागास बहुजन कल्याण विभाग, पुणे और स्व. वसंतराव नाईक संशोधन व प्रशिक्षण संस्था (वनार्टी), नागपुर ने मिलकर आयोजित किया है।
दो दिन का यह निवासी शिविर पुणे के यशवंतराव चव्हाण विकास प्रशासन प्रबोधिनी (यशदा) में 24 और 25 अक्टूबर को चल रहा है। कार्यक्रम में भटके-विमुक्त विकास परिषद, महाराष्ट्र के अध्यक्ष उद्धव काळे, इतर मागास व बहुजन कल्याण विभाग के सचिव आप्पासो धुळाज और 'वनार्टी' के व्यवस्थापकीय संचालक प्रशांत वावगे मौजूद थे। राज्यस्तरीय अशासकीय सदस्य राजेंद्र दोनाडकर, डॉ. संजय पुरी, नरेश पोटे और शरद माकर भी खास तौर पर हाजिर रहे।
सावे ने कहा कि योजनाओं को ठीक से लागू करने के लिए जुड़ी हुई सभी एजेंसियों के बीच तालमेल जरूरी है। उनके मुताबिक प्रशासन के नियमों और कामकाज के तरीकों का पालन करते हुए फील्ड के स्तर पर काम को और मजबूत और असरदार बनाने पर जोर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस ट्रेनिंग से विभाग की योजनाएं ज्यादा सलीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
शिविर में इतर मागास बहुजन कल्याण विभाग के अशासकीय सदस्य, विभाग के फील्ड अधिकारी और राजस्व विभाग के फील्ड अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
ट्रेनिंग के दौरान विभाग की अलग-अलग योजनाओं, सरकारी नियमों और कामकाज के तरीकों, प्रशासनिक जिम्मेदारियों, योजनाओं को असरदार ढंग से लागू करने और फील्ड के स्तर पर तालमेल जैसे विषयों पर मार्गदर्शन किया गया है।
शिविर का मुख्य मकसद महात्मा फुले की समानता वाली सोच से जुड़े सामाजिक बदलाव के लक्ष्य के हिसाब से बहुजन समाज की भलाई के लिए चल रही योजनाओं को और रफ्तार देना है। यह जानकारी 'वनार्टी' के व्यवस्थापकीय संचालक प्रशांत वावगे ने दी। उन्होंने बताया कि शिविर का आयोजन इतर मागास बहुजन कल्याण विभाग के संचालनालय, पुणे और स्व. वसंतराव नाईक संशोधन व प्रशिक्षण संस्था (वनार्टी), नागपुर ने मिलकर किया है।
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