सूखे से जूझते चार जिलों की 35 तहसीलों के कॉलेज विद्यार्थियों को परीक्षा फीस में छूट
नागपुर विद्यापीठ ने सूखाग्रस्त तहसीलों के पात्र कॉलेज विद्यार्थियों की परीक्षा फीस माफ की, जमा हो चुकी फीस भी लौटेगी।
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नागपुर: सूखे की मार झेल रहे किसान परिवारों के बच्चों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने चार जिलों की 35 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है और इन तहसीलों के पात्र कॉलेज विद्यार्थियों की परीक्षा फीस माफ करने का फैसला हुआ है। नागपुर विद्यापीठ ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए यह कदम उठाया है। आर्थिक तंगी के बीच उच्च शिक्षा ले रहे विद्यार्थियों और उनके परिवारों को इससे काफी मदद मिलेगी।
जिन विद्यार्थियों ने परीक्षा फीस पहले ही भर दी है, उन्हें भी पैसे वापस मिलेंगे। जिनका परीक्षा आवेदन अभी चल रहा है या शुरू ही नहीं हुआ है, उनके आवेदन बिना शुल्क के स्वीकार किए जाएंगे। सूखे की वजह से परेशान किसान परिवारों पर पढ़ाई के खर्च का बोझ इससे कम होगा।
यह फैसला 14 अक्टूबर को हुई एक ऑनलाइन बैठक में हुई चर्चा के बाद लिया गया। बैठक की अध्यक्षता उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री ने की और इसमें राज्य के सभी विद्यापीठों के कुलगुरु शामिल थे। इसके बाद नागपुर विद्यापीठ के परीक्षा एवं मूल्यांकन मंडल के संचालक डॉ. अनुप पलसोकर ने इस बारे में परिपत्र जारी किया।
परिपत्र के मुताबिक नियमित और पूर्व विद्यार्थियों समेत अलग-अलग पाठ्यक्रमों के पात्र विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क में राहत मिलेगी। कॉलेजों को कहा गया है कि वे विद्यार्थियों की पात्रता जांचकर उनके परीक्षा आवेदन स्वीकार करें।
जिनकी फीस पहले जमा हो चुकी है, उनकी रकम लौटाने के लिए कॉलेजों को तय विवरणपत्र में सही जानकारी भरकर विद्यापीठ में जमा करनी होगी। इसके लिए 15 दिन की समयसीमा रखी गई है। कॉलेजों को निर्देश है कि वे पात्र विद्यार्थियों का ब्योरा तय प्रारूप में बनाएं और समय के भीतर विद्यापीठ को दें, ताकि फीस वापसी की प्रक्रिया पूरी हो सके।
जिन परीक्षाओं के आवेदन अभी चल रहे हैं या शुरू नहीं हुए, उनके लिए विद्यापीठ की ऑनलाइन प्रणाली में शून्य शुल्क यानी जीरो फीस चालान की सुविधा दी गई है। इससे पात्र विद्यार्थियों को आवेदन भरते समय फीस नहीं भरनी पड़ेगी। हालांकि इसका फायदा लेने से पहले कॉलेजों को विद्यार्थियों की पात्रता की पुष्टि करनी होगी। उसके बाद ही आवेदन विद्यापीठ को भेजे जा सकेंगे।
सूखाग्रस्त घोषित तहसीलों में नागपुर जिले की सभी 14, वर्धा जिले की सभी 8 और गोंदिया जिले की सभी 8 तहसीलें शामिल हैं। भंडारा जिले की कुल 7 तहसीलों में से 5 को सूखाग्रस्त सूची में रखा गया है। यानी चारों जिलों की कुल 35 तहसीलों के पात्र कॉलेज विद्यार्थियों को फीस माफी का लाभ मिलेगा।
सूखे से खेती और परिवार की आमदनी पर असर पड़ता है, तो बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना किसान परिवारों के लिए चुनौती बन जाता है। ऐसे में फीस माफ करना और पहले जमा रकम लौटाना विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत हो सकता है। आर्थिक मुश्किलों के बावजूद वे अपनी पढ़ाई और परीक्षाएं जारी रख पाएंगे।
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