रविवार, 11 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
17:45 IST

लड़कियों के हक का दिन आज, 11 अक्टूबर के नाम दर्ज हैं ये बड़ी घटनाएं

हर साल 11 अक्टूबर को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय बालिका दिन लड़कियों के हक और उनकी समस्याओं की ओर ध्यान खींचता है। इसी तारीख से जुड़ी इतिहास की घटनाएं, जन्म और निधन भी जानिए।

लड़कियों के हक का दिन आज, 11 अक्टूबर के नाम दर्ज हैं ये बड़ी घटनाएं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिन हर साल 11 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन लड़कियों के हक और उन्हें घेरने वाली समस्याओं की ओर ध्यान दिलाने के लिए अहम माना जाता है। शिक्षा, सेहत, सुरक्षा और सामाजिक बराबरी जैसे मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना इस दिन का मकसद है।

खासकर विकासशील देशों में लड़कियों को पढ़ाई से दूर रखना, बाल विवाह और लैंगिक भेदभाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस दिन के बहाने लड़कियों की पढ़ाई पर जोर देने और उन्हें मौका देने की जरूरत सामने रखी जाती है।

इस दिन के जरिए दुनिया भर में लड़कियों के विकास के लिए नीतिगत पहल की जाती हैं। लड़कियों को उनके हक दिलाने के लिए कई सामाजिक संस्थाएं, स्कूल और सरकारें कोशिश करती हैं। समाज की हर लड़की अपने सपने पूरे कर सके, ऐसी बराबरी बनाने के लिए यह दिन अहम है। संदेश यही है कि लड़कियों की तरक्की में ही समाज की तरक्की है।

अब 11 अक्टूबर को देश और दुनिया के इतिहास में दर्ज घटनाओं पर नजर डालें। 1811 में न्यूयॉर्क बंदरगाह में जूलियाना फेरी जहाज के साथ पहली भाप से चलने वाली फेरी शुरू हुई। 1852 में ऑस्ट्रेलिया में सिडनी यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई। 1958 में नासा ने पायोनियर 1 लॉन्च किया, जो उसका पहला अंतरिक्ष अभियान था, लेकिन वह स्थिर कक्षा में नहीं पहुंच सका। 1968 में नासा ने अपोलो 7 लॉन्च किया, जो पहला कामयाब क्रू वाला अपोलो मिशन था।

1984 में कैथरीन डी. सुलिवन स्पेस वॉक करने वाली पहली अमेरिकी महिला अंतरिक्ष यात्री बनीं। 1987 में श्रीलंका में भारतीय शांति रक्षक दल ने ऑपरेशन पवन शुरू किया। 2000 में नासा ने STS-92 लॉन्च किया, जो 100वां स्पेस शटल मिशन था। 2001 में वी. एस. नायपॉल को साहित्य का नोबेल पुरस्कार घोषित हुआ और उसी साल पोलरॉइड कॉरपोरेशन ने दिवालिया होने का ऐलान किया।

इस तारीख को जन्मे लोगों में 1876 में बंगाली कथाकार और उपन्यासकार चारुचंद्र बंद्योपाध्याय, 1902 में स्वतंत्रता सेनानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण, 1916 में पद्मविभूषण समाज सुधारक चंडीकादास अमृतराव देशमुख और उसी साल फिल्म और नाटकों की अभिनेत्री मीनाक्षी शिरोडकर शामिल हैं। 1923 में भारतीय अमेरिकी गणितज्ञ और भौतिक विज्ञानी डॉ. हरिश्चंद्र मेहरोत्रा, 1930 में पत्रकार और स्तंभकार बेहराम कॉन्ट्रैक्टर, 1932 में साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता गुजराती कवि, लेखक और संपादक सुरेश दलाल पैदा हुए।

1942 में फिल्म अभिनेता और निर्माता अमिताभ बच्चन, 1943 में वेस्ट इंडीज के क्रिकेटर कीथ बॉयस, 1946 में परम सुपरकंप्यूटर और सी डैक के निर्माता और संस्थापक विजय भटकर, 1951 में हिंदी फिल्मों के निर्माता और निर्देशक मुकुल आनंद, 1967 में कव्वाली गायक अल्ताफ राजा और 1993 में क्रिकेट खिलाड़ी हार्दिक पंड्या का जन्म हुआ।

इसी तारीख को कई हस्तियों का निधन भी हुआ। 1889 में ऊर्जा के रूपांतरण का सिद्धांत रखने वाले ब्रिटिश भौतिक विज्ञानी जेम्स प्रेस्कॉट जूल गुजरे। 1968 में राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज का निधन हुआ। 1984 में आक्रामक बाएं हाथ के बल्लेबाज खंडेराव मोरेश्वर रांगणेकर और 1994 में कैम्लिन उद्योग समूह के संस्थापक काकासाहेब दांडेकर नहीं रहे। 1996 में कीथ बॉयस का निधन हुआ।

1997 में अंतरराष्ट्रीय ख्याति के मूर्तिकार विपुल कांति साहा, 1999 में मराठी फिल्मों के निर्देशक रमाकांत कवठेकर, 2000 में स्कॉटलैंड के पहले मंत्री डोनाल्ड डेवार और 2002 में अभिनेत्री दीना पाठक का निधन हुआ। 2007 में भारतीय आध्यात्मिक गुरु चिन्मोय कुमार घोस और 2022 में भारतीय परमाणु इंजीनियर ए. गोपालकृष्णन ने दुनिया को अलविदा कहा।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे