चंद्रपुर के महाकाली महोत्सव में मनोरंजन के कार्यक्रम रद्द, बचा पैसा सूखाग्रस्त किसानों को
श्री महाकाली माता महोत्सव समिति के अध्यक्ष विधायक किशोर जोरगेवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अपील के बाद खर्च घटाने का फैसला लिया है।
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चंद्रपुर के श्री महाकाली माता महोत्सव में इस बार मनोरंजन के सारे कार्यक्रम नहीं होंगे। राज्य में सूखे के हालात को देखते हुए और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अपील के बाद महोत्सव समिति ने यह फैसला लिया है। समिति के अध्यक्ष विधायक किशोर जोरगेवार ने खर्च कम करने का निर्णय किया, ताकि सूखे से जूझ रहे किसानों की मदद को पहली प्राथमिकता मिल सके।
कार्यक्रम रद्द होने से जो रकम बचेगी, वह मुख्यमंत्री के माध्यम से सूखाग्रस्त किसानों की मदद के लिए दी जाएगी। चंद्रपुर का यह महोत्सव भक्तिगीतों, धार्मिक माहौल, सामाजिक उपक्रमों और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों की वजह से पूरे राज्य में जाना जाता है।
विधायक जोरगेवार का कहना है कि सूखे की वजह से किसान संकट में हैं, ऐसे में उत्सव के खर्च से ज्यादा अहमियत उनकी मदद को मिलनी चाहिए। उनके मुताबिक महाकाली माता में श्रद्धा और भक्ति बनी रहे, साथ ही समाज के प्रति फर्ज भी निभाया जाए, इसी सोच से उन्होंने खर्च घटाने की बात रखी। इस फैसले के जरिए यह संदेश दिया गया है कि किसानों की मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़े होना ही असली सामाजिक जिम्मेदारी है।
हर साल की तरह इस बार भी महोत्सव की बड़ी तैयारी की गई थी। 14 अक्टूबर से पांच दिन चलने वाले महोत्सव में जाने-माने भक्ति संगीत गायक गजेंद्र प्रताप सिंह, हेमंत ब्रिजवासी, चौतन्य देवढे और मशहूर गायिका जसपिंदर नरुला के भक्ति गायन के कार्यक्रम तय थे। लेकिन राज्य में सूखे की गंभीरता को देखते हुए ये सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। इससे महोत्सव का खर्च घटेगा और बचा हुआ पैसा किसानों की मदद में लगाया जा सकेगा।
महोत्सव के धार्मिक रीति-रिवाज और सामाजिक उपक्रम पहले से तय रूप में ही चलेंगे। इनमें 9999 कन्याओं का पूजन और भोजन शामिल है। सुहागन महिलाओं को अखंड सौभाग्य की कामना के साथ हरी चूड़ियां पहनाई जाएंगी। नवरात्रि के दौरान जन्मी बच्चियों को चांदी का सिक्का बांटा जाएगा। इसके अलावा 19 अक्टूबर को नगर प्रदक्षिणा भी निकाली जाएगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम भले कम हुए हों, लेकिन इस बार के महोत्सव के पीछे का सामाजिक मकसद ज्यादा बड़ा है। एक तरफ महाकाली माता की भक्ति की परंपरा निभाई जा रही है, तो दूसरी तरफ सूखे की मार झेल रहे किसानों की तकलीफ का ध्यान रखने की कोशिश की जा रही है। यह फैसला विधायक किशोर जोरगेवार की पहल पर लिया गया है।
महोत्सव से पहले घटस्थापना के दिन माता महाकाली मंदिर में 51 फीट ऊंचे ध्वज का ध्वजारोहण किया जाएगा। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन, रविवार 11 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजे मंदिर परिसर में यह समारोह होगा। ध्वजारोहण के जरिए माता महाकाली के प्रति श्रद्धा और भक्ति जताई जाएगी और नवरात्रोत्सव के उत्साह में इससे और इजाफा होगा।