कोडय्या महाराज संस्थान की आमसभा नहीं हुई, सभासदों ने ऑडिट रिपोर्ट और तारीख मांगी
श्री संत कोडय्या महाराज संस्थान के सभासदों और ग्रामीणों ने अध्यक्ष व सचिव को निवेदन देकर वार्षिक आमसभा की तारीख घोषित करने और वित्त वर्ष 2025-26 का ऑडिट रिपोर्ट पेश करने की मांग की है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
श्री संत कोडय्या महाराज संस्थान की वार्षिक आमसभा अब तक नहीं हुई है। इससे संस्थान के सभासदों और ग्रामीणों में नाराजगी है। सभासदों और ग्रामीणों ने संस्थान के अध्यक्ष और सचिव को निवेदन दिया है। इसमें मांग की गई है कि आमसभा जल्द बुलाई जाए और उसकी तारीख जितनी जल्दी हो सके घोषित की जाए।
निवेदन के मुताबिक सभासद चाहते हैं कि आमसभा में आर्थिक वर्ष 2025-26 का ऑडिट रिपोर्ट और जमा-खर्च का ब्योरा उनके सामने रखा जाए। यही रिपोर्ट और जमा-खर्च पत्रक सभी सभासदों के देखने और मंजूरी के लिए अगली आमसभा में पेश करने की मांग भी की गई है।
संस्थान इलाके के भक्तों की श्रद्धा का केंद्र है। कामकाज में पारदर्शिता रहे और पैसों के लेन-देन की जानकारी सभासदों तक पहुंचे, इसके लिए वार्षिक आमसभा को अहम माना जाता है। निवेदन में कहा गया है कि सितंबर का महीना बीत गया, फिर भी आमसभा नहीं बुलाई गई। सभासदों की शिकायत यह भी है कि सभा को लेकर उन्हें कोई पहले से सूचना नहीं दी गई।
निवेदन में बताया गया है कि आमसभा में साल भर के जमा-खर्च का ब्योरा, आर्थिक लेन-देन की समीक्षा, ऑडिट रिपोर्ट और आने वाले साल की योजना पर चर्चा होनी चाहिए। सभासदों को आर्थिक लेन-देन की जरूरी जानकारी मिले और उन्हें सवाल पूछने का मौका मिले, यह संस्थागत पारदर्शिता का अहम हिस्सा है। सभासदों ने उम्मीद जताई है कि आर्थिक लेन-देन को लेकर तस्वीर साफ रहे और फैसले उन्हें भरोसे में लेकर किए जाएं।
निवेदन में सीधा सवाल उठाया गया है कि सितंबर बीत जाने के बाद भी आमसभा न करने की असली वजह क्या है। मांग की गई है कि प्रबंधन यह भी साफ करे कि आमसभा किस तारीख को होगी।
निवेदन में यह भी कहा गया है कि आमसभा के जरिए संस्थान के कामकाज की समीक्षा की जा सकती है। आर्थिक लेन-देन, धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम, आने वाले आयोजनों की योजना और सभासदों के सुझावों पर भी वहीं चर्चा का मौका मिलता है। इसलिए सभा समय पर न हुई तो सभासदों को संस्थान के कामकाज की जानकारी मिलने में अड़चन आ सकती है।
निवेदन देने वालों ने मांग की है कि अध्यक्ष और सचिव सभासदों की मांग पर ध्यान दें और आमसभा की तारीख तुरंत तय करें। सभी सभासदों को इसकी आधिकारिक सूचना दी जाए और आर्थिक वर्ष 2025-26 का ऑडिट रिपोर्ट व जमा-खर्च पत्रक सभा के सामने रखने की व्यवस्था की जाए।
निवेदन में लिखा है कि धार्मिक संस्था के कामकाज में पारदर्शिता, आर्थिक अनुशासन और सभासदों की भागीदारी का महत्व है। इसलिए आमसभा बुलाकर सभासदों के सवालों के जवाब देना और आगे के कामकाज को लेकर भरोसे का माहौल बनाना प्रबंधन की अहम जिम्मेदारी है।
अब सभासदों और ग्रामीणों की नजर इस पर है कि संस्थान का प्रबंधन इस निवेदन पर ध्यान देकर आमसभा की तारीख कब घोषित करता है और आर्थिक लेन-देन का ब्योरा सभासदों के सामने कब रखता है।