कप केक में रबर-प्लास्टिक के टुकड़े की शिकायत, संभाजीनगर की रॉयल बेकर्स का लाइसेंस सस्पेंड
चिकलठाणा एमआईडीसी की बेकरी में अचानक जांच के बाद अन्न व औषध प्रशासन ने 8 अक्टूबर से लाइसेंस निलंबित कर दिया।
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छत्रपति संभाजीनगर में खाने के लिए लिए गए एक कप केक में रबर या प्लास्टिक के टुकड़े मिलने की शिकायत सामने आई थी। इसके बाद हुई जांच में बेकरी में गंदगी और अन्न सुरक्षा नियमों की अनदेखी भी पकड़ी गई। नतीजा यह हुआ कि चिकलठाणा एमआईडीसी में चल रही मे. रॉयल बेकर्स अँड कन्फेक्शनर्स का लाइसेंस अन्न व औषध प्रशासन (FDA) ने निलंबित कर दिया।
यह कार्रवाई 8 अक्टूबर से अगले आदेश तक लागू रहेगी। इस दौरान बेकरी कोई भी खाद्य कारोबार नहीं कर सकेगी।
सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र मुहिम के तहत अन्न सुरक्षा अधिकारी पी. एस. अजिंठेकर ने 7 अक्टूबर को बेकरी का औचक निरीक्षण किया था। इस जांच में कई कमियां सामने आईं। खाद्य पदार्थों और पानी की गुणवत्ता की लैब रिपोर्ट मौजूद नहीं थी। दोबारा पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले सामान का फूड-ग्रेड सर्टिफिकेट भी नहीं था। इसके अलावा जरूरी योग्यता वाला तकनीकी व्यक्ति मौके पर नहीं मिला। स्टॉक रजिस्टर भी नहीं था।
कर्मचारियों की सेहत और सुरक्षा को लेकर भी लापरवाही मिली। कामगारों की सालाना मेडिकल जांच और टीकाकरण नहीं हुआ था। एप्रन, दस्ताने और सिर ढकने वाले कवर का भी इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। बेकरी में कीड़ों पर नियंत्रण और साफ-सफाई का ठीक इंतजाम नहीं था, और कचरा खुले में फेंका गया था।
इन कमियों से खाद्य पदार्थों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हुए। इसी वजह से लाइसेंस अधिकारी और सहायक आयुक्त (अन्न) दयानंद विठ्ठल पाटील ने लाइसेंस निलंबित करने का आदेश दिया। संबंधित कारोबारी को निर्देश दिए गए हैं कि वह सारी कमियां दूर करे और जरूरी सबूतों के साथ अनुपालन रिपोर्ट पेश करे।
सहआयुक्त श्रीकांत करकळे ने अन्न सुरक्षा अधिकारियों को आदेश दिया है कि निलंबन के दौरान बेकरी पर कड़ी नजर रखी जाए।
कुल मिलाकर जांच में कप केक में रबर-प्लास्टिक के टुकड़े की शिकायत, लैब रिपोर्ट, फूड-ग्रेड सर्टिफिकेट और स्टॉक रजिस्टर का अभाव, गंदगी, खुले में कचरा, कीड़ों पर नियंत्रण की कमी और कामगारों की सेहत-सुरक्षा की अनदेखी सामने आई।