घर पर रीठा, शिकाकाई और आंवला से बनाएं हर्बल शैम्पू, 10 मिनट की विधि
बाजार के महंगे प्रोडक्ट की जगह घर पर नेचुरल शैम्पू बनाने की विधि, साथ में रखने और इस्तेमाल की सावधानियां।
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मौसम में लगातार बदलाव, मानसिक तनाव, पोषक तत्वों की कमी और बार-बार केमिकल वाले शैम्पू का इस्तेमाल, इन सबका असर बालों की बढ़त पर जल्दी दिखने लगता है। बाल खराब होने पर लोग बाजार में मिलने वाले महंगे हेयर केयर प्रोडक्ट इस्तेमाल करते हैं, फिर भी बालों की क्वालिटी नहीं सुधरती। बाल सूखे या बेजान हो जाएं तो हेयर ट्रीटमेंट कराकर उन्हें स्मूद और चमकदार बनाया जाता है, लेकिन इसका बालों पर ज्यादा असर नहीं दिखता।
इसलिए सुझाव है कि बाजार के महंगे शैम्पू की जगह घर पर बना नेचुरल शैम्पू इस्तेमाल किया जाए। कहा गया है कि इस शैम्पू से बालों की बढ़त में मदद मिलेगी और बाल चमकदार दिखने लगेंगे।
शैम्पू बनाने के लिए चार चीजें चाहिए: रीठे के छिलके, शिकाकाई, आंवला पाउडर और पानी।
सबसे पहले एक बड़े कटोरे में रीठे के छिलके डालकर रात भर भिगो दें। उसी में शिकाकाई और आंवला पाउडर भी डाल दें। रात भर भीगने के बाद पूरा मिश्रण एक बर्तन में डालकर गैस पर गर्म करें। 15 से 20 मिनट उबलने के बाद इन चीजों का अर्क पानी में उतर आएगा।
फिर मिश्रण को ठंडा करें और चम्मच या हाथ से मैश कर लें। इसके बाद उसे छानकर कांच की बोतल में भर लें। इस तरह झटपट बना नेचुरल शैम्पू तैयार है।
बाल धोते समय पहले उन्हें पानी से गीला करें। फिर बालों पर थोड़ा सा शैम्पू डालें और हल्के हाथ से मसाज करें। कहा गया है कि मसाज से सिर की त्वचा पर चिपका रूसी कम होगा और बाल अंदर से साफ होंगे। इसके बाद सादे पानी से बाल धो लें।
रीठे के छिलकों की वजह से बालों में ज्यादा झाग नहीं बनेगा, इसलिए शैम्पू ज्यादा मात्रा में न डालें। अगर बाल बहुत सूखे हैं या उलझते हैं तो शैम्पू के बाद कंडीशनर लगाना जरूरी बताया गया है, वरना बाल और ज्यादा सूखे हो जाएंगे। प्राकृतिक चीजों से भरपूर इस शैम्पू से बालों की खराब हुई क्वालिटी सुधारने में मदद मिलेगी, ऐसा बताया गया है।
तैयार शैम्पू को दो हफ्ते से ज्यादा दिन इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। बेहतर है कि एक हफ्ते भर के लिए जितना काफी हो, उतना ही बनाया जाए। घर के बने शैम्पू में कोई प्रिजर्वेटिव नहीं होता, इसलिए वह खराब भी हो सकता है, लिहाजा इस्तेमाल में पूरी सावधानी रखें।
संवेदनशील त्वचा वालों को सिर की त्वचा में सूखापन या जलन बढ़ सकती है। इसलिए शैम्पू बनाते समय सही मात्रा का ही इस्तेमाल करें।
यह जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है और इसमें किसी इलाज का दावा नहीं किया गया है। कोई भी उपाय आजमाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लें।