मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:57 IST

नागपुर में FDA ने 11 दुकानों के लाइसेंस फिर बहाल किए, RTI में दोबारा जांच पर सवाल

RTI में मिली जानकारी के मुताबिक FDA ने नागपुर जिले में 16 खाद्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की थी, जिनमें से कम से कम 11 का निलंबन हटा दिया गया।

नागपुर में FDA ने 11 दुकानों के लाइसेंस फिर बहाल किए, RTI में दोबारा जांच पर सवाल
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नागपुर में महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने खाने-पीने की दुकानों और होटलों पर सख्ती की थी। अब सवाल उठा है कि गंदगी के आरोप में लाइसेंस निलंबित होने के बाद उन्हें दोबारा चालू करने से पहले जांच कैसे की गई।

यह जानकारी एडवोकेट सुंदीप बडाना को सूचना का अधिकार (RTI) कानून के तहत मिली है। इसके मुताबिक FDA ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (लाइसेंसिंग एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ फूड बिजनेसेस) रेगुलेशंस, 2011 के प्रावधानों के उल्लंघन पर नागपुर जिले में 16 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की थी। इनमें से कम से कम 11 का निलंबन बाद में हटा दिया गया, क्योंकि विभाग ने तय शर्तों का पालन दर्ज किया।

यह जवाब 18 अगस्त 2026 की अर्जी पर दिया गया। उसके मुताबिक निलंबन हटाने में लगने वाला समय काफी अलग-अलग रहा, किसी में सिर्फ एक दिन तो किसी में कई हफ्ते।

जवाब में शामिल प्रमुख नामों में हीरा स्वीट्स का लाइसेंस 6 जुलाई की जांच के बाद निलंबित हुआ और 29 जुलाई को बहाल हुआ। इंदौर नमकीन प्रोडक्ट्स की जांच 9 जुलाई को हुई और निलंबन 24 अगस्त को हटा। द हट फैमिली रेस्टोरेंट एंड ढाबा का लाइसेंस 11 जुलाई की जांच के बाद निलंबित हुआ और 13 जुलाई को बहाल हो गया। साईनाथ ट्रेडिंग कंपनी की जांच 17 जुलाई को हुई और उसे 10 अगस्त को बहाली मिली।

अशोका रेस्टोरेंट की 17 जुलाई की जांच के बाद 24 जुलाई को निलंबन हटा। मचान रेस्टोरेंट की जांच 29 जुलाई को हुई और निलंबन 7 अगस्त को हटा। जवाब में मोहदीकर, कोराडी मंदिर के एक प्रतिष्ठान, VSPM एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन के सुपर केटरर्स और IIIT नागपुर के तिवारी एंड कंपनी के लाइसेंस की बहाली भी दर्ज है। तिवारी एंड कंपनी की जांच 13 अगस्त को हुई थी और निलंबन अगले ही दिन हट गया। किआरा नूडल्स एंड ट्रेडिंग की 14 अगस्त की जांच के बाद निलंबन 18 अगस्त को हटा।

FDA ने इन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की वजह 2011 रेगुलेशंस के शेड्यूल 4 के भाग II और V के अलग-अलग प्रावधानों का उल्लंघन बताई थी। लेकिन अर्जीकर्ता को दिए गए जवाब में ज्यादातर जांच, कार्रवाई और बहाली की तारीखें हैं। दोबारा मौके पर जांच के ब्योरे या हर प्रतिष्ठान में जिन सुधारों की पुष्टि हुई, उनके दस्तावेज नहीं दिए गए।

कुछ मामलों में कार्रवाई ज्यादा सख्त रही। महादुला के सलीम मटन शॉप चिकन सेंटर का रजिस्ट्रेशन 8 जून की जांच के बाद रद्द किया गया। हजारीपहाड के यारना फैमिली गार्डन रेस्टोरेंट के नाम से दर्ज दो प्रतिष्ठानों के रजिस्ट्रेशन भी 11 जुलाई की जांच के बाद रद्द दिखाए गए हैं।

काटोल रोड के इंडियन तंदूर का लाइसेंस 12 जुलाई को निलंबित हुआ, पर RTI जवाब में उसके आगे बहाली दर्ज नहीं है। मदर डेयरी मिल्क फ्रेंचाइजी की एंट्री में भी दिए गए ब्योरे में बहाली की कार्रवाई नहीं दिखती।

यह मामला इसलिए अहम है कि FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा पर कार्रवाई तेज हुई है। विभाग ने पूरे महाराष्ट्र में रेस्टोरेंट, होटल, मिठाई की दुकानों और संस्थागत खाने के प्रतिष्ठानों पर कई जांच और छापे मारे हैं। RTI के आंकड़े एक छोटा सा सवाल उठाते हैं: निलंबित प्रतिष्ठानों को दोबारा चलाने की इजाजत देने से पहले उनके पालन के दावों की पुष्टि कैसे हुई।

जहां निलंबन हटा, वहां जवाब में "compliance verified by inspectors" लिखा है। लेकिन उपलब्ध सामग्री में फॉलो-अप जांच की तारीख और ब्योरा, दूर की गई कमियां और हर लाइसेंस बहाल करने का दस्तावेजी आधार नहीं बताया गया है।

यह खासकर उन मामलों में मायने रखता है जहां बहाली बहुत जल्दी हुई। मिसाल के तौर पर IIIT नागपुर के तिवारी एंड कंपनी की जांच 13 अगस्त को दर्ज हुई और निलंबन 14 अगस्त को हट गया। VSPM एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन के सुपर केटरर्स का निलंबन भी जांच के एक दिन बाद हटा दिखाया गया है।

अर्जीकर्ता ने एक और चिंता जताई है। FDA के जवाब में जिस प्रतिष्ठान का रजिस्ट्रेशन रद्द दिखाया गया, वह उन्हें चालू दिखा। लेकिन सिर्फ इस अवलोकन से यह तय नहीं होता कि वह किसी दूसरे वैध लाइसेंस पर चल रहा है, रद्द रजिस्ट्रेशन किसी खास गतिविधि का था, या उसके बाद कोई नया आदेश आया।

इसलिए यह मामला गलती मान लेने का नहीं, FDA से स्पष्टीकरण का है। विभाग बता सकता है कि बहाली से पहले हर मामले में मौके पर दोबारा जांच हुई या नहीं, कौन से सुधार जांचे गए और रजिस्ट्रेशन रद्द होने वाले प्रतिष्ठानों ने बाद में नई मंजूरी ली या नहीं। RTI के जवाब से कार्रवाई और उसके नतीजे की दस्तावेजी तस्वीर मिलती है। बड़ा सवाल यह है कि क्या बहाली के पीछे उतनी ही सख्त जमीनी जांच थी।

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