पुणे विभाग में FDA की विशेष मुहिम, 18.25 लाख का माल जब्त, 17 अन्न लाइसेंस निलंबित
त्योहारी सीजन में अन्न व औषध प्रशासन ने पुणे, सातारा, सांगली और कोल्हापुर में 26 से 30 सितंबर के बीच कार्रवाई की।
त्योहारों के दिनों में खाने की चीजों की मांग बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए अन्न व औषध प्रशासन ने पुणे विभाग में विशेष मुहिम चलाई। मिलावट के शक में, साथ ही लेबल में गड़बड़ी और नकली पाए गए खाद्य पदार्थों का 18 लाख 25 हजार 832 रुपये का स्टॉक जब्त किया गया।
यह कार्रवाई 26 से 30 सितंबर के बीच पुणे, सातारा, सांगली और कोल्हापुर जिलों में की गई। इसके अलावा गंदगी और अन्न सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर 17 प्रतिष्ठानों के अन्न लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।
यह कार्रवाई अन्न सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे की 'सेफ फूड, सेफ ड्रग, सेफ महाराष्ट्र' मुहिम के तहत हुई। पुणे जिले में दूध और दूध से बने पदार्थ बनाने वालों, मिठाई विक्रेताओं, डेयरी, होटल और दूसरे प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
पुणे जिले में नवनाथ मिल्क अँड मिल्क प्रॉडक्ट्स से 25 हजार 920 रुपये का श्रीखंड जब्त हुआ। अदिती मिल्क अँड मिल्क प्रॉडक्ट्स से 43 हजार 980 रुपये की स्वीट लस्सी और मैंगो लस्सी पकड़ी गई। ओशन मिल्क अँड फूड प्रॉडक्ट्स से 2 लाख 74 हजार 700 रुपये का घी और खोवा जब्त किया गया।
मार्केट यार्ड में लक्ष्मीनारायण ट्रेडिंग कंपनी से 4 लाख 48 हजार 380 रुपये के बादाम जब्त किए गए। पुरंदर की पांडियन प्रॉडक्ट्स अँड सेलिंग से करीब 5.56 टन अलग-अलग मिठाइयों का 5 लाख 96 हजार 300 रुपये का स्टॉक पकड़ा गया।
उरुळी देवाची से 2 लाख 57 हजार 164 रुपये का चीज़ और वारजे से 55 हजार 600 रुपये का घी जब्त हुआ। मोरबीवाला स्वीट्स अँड नमकीन से नमकीन पदार्थों का स्टॉक भी जब्त किया गया।
कोल्हापुर और सांगली जिलों में भी दूध से बने पदार्थ, घी और क्रीम का स्टॉक जब्त हुआ। वहां गंदगी, तिलचट्टे और कीड़े मिलने तथा अन्न सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी और दूध संकलन केंद्रों समेत 17 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए।
प्रशासन ने कहा है कि त्योहारों में खोवा, मावा, मिठाई और दूध से बने पदार्थों की मांग बढ़ती है। प्रशासन के मुताबिक दूध और इन पदार्थों में वनस्पतिजन्य चरबी या दूसरे घटकों का अनधिकृत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
अन्न पदार्थ की क्वालिटी या साफ-सफाई को लेकर शिकायत हो तो प्रशासन ने टोल फ्री नंबर 1800222365 पर शिकायत दर्ज कराने को कहा है।