खट्टे फल दांतों के इनेमल को कमजोर कर सकते हैं, खाते समय ये बातें ध्यान में रखें
नींबू, अंगूर, अनार और अनानास जैसे अम्लीय फल दांतों की ऊपरी परत पर असर डाल सकते हैं। जानिए खाने के बाद क्या सावधानी रखी जाए।
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दांत सही रखने के लिए मुंह की सफाई जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ हर किसी को दिन में दो बार ठीक से दांत ब्रश करने और मीठी चीजें कम खाने की सलाह देते हैं। लेकिन दांतों की सेहत के लिए सिर्फ इतना काफी नहीं है। आप रोज क्या खाते और पीते हैं, इसका सीधा असर भी दांतों पर पड़ता है।
आजकल बहुत से लोग अच्छी सेहत के लिए फल ज्यादा खाते हैं, नींबू पानी पीते हैं या ताजे फलों का जूस लेते हैं। इन चीजों से शरीर को जरूरी विटामिन और दूसरे पोषक तत्व मिलते हैं। मगर कुछ चीजों में मौजूद अम्ल दांतों की सुरक्षा करने वाली परत को नुकसान पहुंचा सकता है। दांत की इस बाहरी परत को इनेमल कहते हैं और दांतों को बचाने में इसकी अहम भूमिका होती है।
जब अम्ल के संपर्क से इनेमल कमजोर पड़ता है, तो दांत गरम, ठंडे या मीठे के प्रति संवेदनशील हो सकते हैं। यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे, तो दांतों की मजबूती पर भी असर पड़ सकता है। इसी वजह से जानना जरूरी है कि कौन से फल खाते समय सावधानी रखनी चाहिए।
खाने की किसी चीज में अम्ल कितना है, यह उसके pH मान से नापा जाता है। यूनाइटेड स्टेट्स एन्वायर्नमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी (EPA) के मुताबिक जिन चीजों का pH 7 से ज्यादा होता है उन्हें अल्कलाइन माना जाता है, जबकि pH 7 से कम वाली चीजें अम्लीय होती हैं। pH जितना कम होगा, अम्लता उतनी ज्यादा होगी।
इस लिहाज से कुछ फलों का pH इस तरह बताया गया है: नींबू का रस 2.00 से 2.60, अंगूर 2.90 से 3.82, अनार 2.93 से 3.20, ब्लूबेरी 3.11 से 3.33 और अनानास 3.20 से 4.00।
अम्ल दांतों को कैसे नुकसान पहुंचाता है, इस बारे में बताया गया है कि बार-बार अम्लीय चीजों के संपर्क में आने से दांत की बाहरी परत यानी इनेमल कमजोर पड़ सकती है। इससे दांत जल्दी खराब होते हैं। गरम, ठंडा या मीठा खाते समय दांतों में झनझनाहट महसूस हो सकती है। दांतों की सतह का रंग बदलना और घिसाव भी इसके लक्षण हो सकते हैं। मुंह की लार अम्ल को बेअसर करने और दांतों में खनिज दोबारा भरने में मदद करती है, लेकिन लगातार अम्लीय खाने और पीने की चीजें लेने से दांत खराब होने का खतरा बढ़ सकता है।
विटामिन सी शरीर के लिए बेहद जरूरी है। इसकी कमी से स्कर्वी नाम की बीमारी हो सकती है, जिसमें मसूड़ों से खून आता है। इसलिए खट्टे फलों से पूरी तरह परहेज करने के बजाय उन्हें सीमित मात्रा में खाने की बात कही गई है।
दांतों को सही रखने के लिए ये बातें बताई गई हैं: खट्टे फल खाने के बाद सादे पानी से कुल्ला करें। फलों का जूस देर तक धीरे-धीरे पीने से बचें। अम्लीय पेय पीते समय स्ट्रॉ का इस्तेमाल किया जा सकता है। फ्लोराइड वाला टूथपेस्ट इस्तेमाल करें। और दांतों को नुकसान से बचाने के लिए मुंह की अच्छी सफाई रखें।