दीपोत्सव विशेष सभी पाठकों को रोशनी के त्योहार की बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

रविवार, 8 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

इजराइल में राष्ट्रपति ने गडी आइज़नकोट को दिया सरकार बनाने का न्योता, नेतन्याहू को झटका

इजराइल में राष्ट्रपति ने गडी आइज़नकोट को दिया सरकार बनाने का न्योता, नेतन्याहू को झटका तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
दुनिया PT24 टीम

राष्ट्रपति आइज़ैक हर्ज़ोग ने याशर पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व सेना प्रमुख गडी आइज़नकोट को सरकार बनाने के लिए बुलाया है। उन्हें बहुमत जुटाने के लिए 28 दिन मिले हैं।

इजराइल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रपति आइज़ैक हर्ज़ोग ने विपक्षी पार्टी याशर के अध्यक्ष और सेना (IDF) के पूर्व प्रमुख गडी आइज़नकोट को नई सरकार बनाने का औपचारिक न्योता दिया है। राष्ट्रपति भवन में हुए एक खास समारोह में यह जनादेश उन्हें सौंपा गया। इस फैसले से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की फिर से प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।

हाल ही में हुए आम चुनाव के बाद से ही इजराइल की सियासत में उथल-पुथल और तनाव का माहौल है। चुनाव में किसी एक साफ गठबंधन या पार्टी को बहुमत नहीं मिला था। इसी वजह से यह उलझन बनी रही कि अगली सरकार किसकी बनेगी।

सत्ता में बने रहने के लिए नेतन्याहू ने कई राष्ट्रीय पार्टियों से बात की और बार-बार "राष्ट्रीय एकता सरकार" (National Unity Government) बनाने की अपील की थी। इतना ही नहीं, विपक्षी खेमे को चेताते हुए उन्होंने अरब पार्टियों से गठबंधन न करने के साफ संकेत भी दिए थे। लेकिन सभी राजनीतिक पार्टियों और नेताओं से गहराई से सलाह-मशविरा करने के बाद राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने गडी आइज़नकोट पर भरोसा जताया और उन्हें सबसे पहले न्योता देने का बड़ा फैसला लिया।

गडी आइज़नकोट इजराइली सेना के पूर्व प्रमुख रह चुके हैं और देश में उनकी पहचान एक सम्मानित और मजबूत नेता की है। उन्होंने याशर पार्टी की अगुवाई करते हुए नेतन्याहू को सीधी चुनौती दी थी। अब सरकार बनाने का मौका मिलने के बाद उनके सामने 60 से ज्यादा सांसदों का समर्थन जुटाकर बहुमत साबित करने की कठिन चुनौती है।

आइज़नकोट पहले ही साफ कर चुके हैं कि वे इजराइल को उदार, लोकतांत्रिक और सबको साथ लेकर चलने वाले रास्ते पर ले जाना चाहते हैं। इसके लिए वे नेतन्याहू की पुरानी नीतियां बदलकर प्रशासन में नए सुधार लागू करने की तैयारी में हैं। हालांकि संसद के सियासी समीकरणों की वजह से छोटी-बड़ी पार्टियों और संभावित साथियों को एक साथ लाने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।

नियमों के मुताबिक सरकार बनाने का जनादेश मिलने के बाद आइज़नकोट को गठबंधन तैयार करने और बहुमत पेश करने के लिए 28 दिन का वक्त दिया गया है। अगर इस तय मियाद में बहुमत जुटाने में दिक्कत आती है, तो राष्ट्रपति अपने अधिकार से उन्हें 14 दिन की और मोहलत दे सकते हैं।

इस पूरी प्रक्रिया का सबसे अहम पहलू यह है कि अगर आइज़नकोट दिए गए वक्त में जरूरी सीटों का बहुमत नहीं जुटा पाए, तो राष्ट्रपति यह जनादेश दोबारा बेंजामिन नेतन्याहू को सौंप सकते हैं। इसी वजह से नेतन्याहू और उनके समर्थक फिलहाल "इंतजार करो और देखो" (Wait and Watch) की भूमिका में हैं।

#नागपुर#दुनिया#PT24#World#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे