फडणवीस लोहारी सावंगा में किसान के घर रुके, बोले 57,000 करोड़ के बकाया बिल माफ होंगे
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नरखेड़ तहसील के लोहारी सावंगा में किसान रामभाऊ बालपांडे के घर रुके। उन्होंने कहा कि किसानों के बकाया बिल माफ होंगे और सूखे की बची राहत जल्द जमा होगी।
दिवाली पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नागपुर जिले की नरखेड़ तहसील के लोहारी सावंगा गांव पहुंचे और सूखे की मार झेल रहे किसानों के बीच बैठे। उन्होंने किसानों का हाल पूछा और उनका दुख बांटने की कोशिश की। शनिवार, 7 नवंबर को गांव की सामूहिक प्रार्थना सभा में उन्होंने बड़ा ऐलान किया कि किसानों के करीब 57,000 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिल माफ कर दिए जाएंगे।
फडणवीस ने बताया कि सरकार यह फैसला ले चुकी है। उन्होंने इसे दिवाली पर महाराष्ट्र के किसानों के लिए राहत का तोहफा कहा। साथ में यह भी भरोसा दिलाया कि सूखा राहत की जो रकम अभी बाकी है, वह जल्दी ही किसानों के बैंक खातों में पहुंचेगी।
मुख्यमंत्री ने गांव के किसान रामभाऊ बालपांडे के घर खाना खाया और रात भी वहीं रुके। परिवार के साथ बैठकर खूब बातचीत हुई। बालपांडे परिवार ने कहा कि मुख्यमंत्री उनके गांव आए और किसानों की तकलीफ सुनी, इसके लिए वे शुक्रगुजार हैं। रामभाऊ की पत्नी ने भी मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। अपने सोशल मीडिया संदेश में फडणवीस ने लिखा कि दिवाली की असली खुशी अपनों के सुख और दुख में साथ खड़े होने से मिलती है, और बालपांडे के घर स्नेहभोज करके उन्हें यही महसूस हुआ।
फडणवीस ने कहा, "महाराष्ट्र में भीषण सूखे के कारण किसानों पर संकट है। इसलिए हम सभी मंत्रियों ने मिलकर इस बार गांवों में किसानों के बीच जाकर उनके साथ दिवाली मनाने का फैसला किया है। किसानों से बातचीत करके एक तरह से उनका हौसला बढ़ाने की कोशिश हमने की है।"
उन्होंने आगे कहा, "सूखे का मुकाबला तो करना पड़ेगा। इस पर तुरंत कोई उपाय नहीं किया जा सकता। जिस भी तरह से किसानों की मदद की जा सकती है, हम करेंगे। साथ ही उनका हौसला बढ़ाकर यह एहसास दिलाने की कोशिश करेंगे कि सरकार किसानों के साथ है।"
मुख्यमंत्री के मुताबिक पिछले मानसून में बारिश उम्मीद से कम हुई, जिससे खेती करने वालों पर कई मुश्किलें टूट पड़ीं। आने वाले महीनों में पानी की कमी न हो, इसके लिए सरकार ने खेतों तक पहुंचने वाली सड़कें बनाने, पुराने बांधों और बैराजों को दोबारा चालू करने और पानी बचाने के कामों को आगे रखा है। उनका कहना था कि सरकार जलसंधारण के काम पूरे कराना चाहती है और सेहत से जुड़ी परेशानियों को भी सुलझाने जा रही है। उन्होंने सबसे अपील की कि मिलकर इस संकट से निपटा जाए।
भाषण में फडणवीस ने राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज को याद किया। उनके अनुसार महाराज ने सिखाया है कि सूखे जैसे वक्त में क्या करना चाहिए। ग्रामगीता के बारे में उन्होंने कहा कि वह गांव को खुशहाल बनाती है और उसमें गांवों के आर्थिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विकास की राह दिखाई गई है। उनका मानना है कि इन विचारों पर चलकर गांव आत्मनिर्भर बन सकते हैं और गांवों के विकास और समाज में बदलाव के लिए ये बातें आज भी काम की हैं।
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री बावनकुले भी मौजूद थे। उनके साथ विधायक चरणसिंह ठाकुर और डॉ. आशीष देशमुख, एमएलसी डॉ. राजीव पोतदार, नागपुर के कलेक्टर कुमार आशीर्वाद और जिला परिषद के सीईओ विनायक महामुनी भी पहुंचे थे।
बिजली बिल माफी को खेती के लिहाज से बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है, पर तस्वीर अभी पूरी साफ नहीं है। यह तय नहीं हुआ है कि किन किसानों को इसका फायदा मिलेगा, माफी कैसे दी जाएगी और यह कब से लागू होगी। इन सब सवालों के जवाब सरकार के विस्तृत दिशा-निर्देश आने पर ही मिलेंगे।


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