बीड के आष्टी में बाघ के हमले में किसान की मौत, आधा किलोमीटर तक घसीटा
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
आष्टी तालुका के देवलाली में चारा लेने गए किसान देविदास टकले को बाघ ने मार डाला। वन विभाग ने बाघ का हमला पक्का माना है, विधायक सुरेश धस ने उसे पकड़ने की मांग की है।
बीड जिले के आष्टी तालुका में बाघ के हमले में एक किसान की जान चली गई। मरने वाले देविदास टकले देवलाली के रहने वाले थे। सूखे के हालात में वे जानवरों के लिए चारा लाने गए थे, तभी बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। जानकारी के मुताबिक बाघ उन्हें करीब आधा किलोमीटर तक घसीटकर ले गया।
इस घटना से देवलाली, बावी और धामणगाव इलाके के लोगों में डर फैल गया है। लोग मांग कर रहे हैं कि बाघ का तुरंत इंतजाम किया जाए।
बताया गया है कि देविदास टकले जानवरों के लिए घास काटने गए थे। उसी वक्त घात लगाकर बैठे बाघ ने उन पर झपट्टा मारा और उन्हें घसीटकर दूर ले गया, जिससे उनकी मौत हो गई। काफी देर तक वे घर नहीं लौटे तो उनका बेटा उन्हें ढूंढने निकला।
तलाश के दौरान बेटे को खून के निशान दिखे। इससे उसे शक हुआ कि पिता पर किसी जंगली जानवर ने हमला किया है। बेटे के चिल्लाने पर बाघ वहां से भाग गया, लेकिन तब तक देविदास टकले की मौत हो चुकी थी। परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना के बाद वन विभाग ने जांच की। वन परिक्षेत्र अधिकारी अमोल मुंडे के मुताबिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, शरीर पर चोटों के निशान और वन विभाग की जांच से साफ हुआ है कि हमला बाघ ने ही किया था।
अमोल मुंडे ने यह भी बताया कि पिछले एक महीने से आष्टी और पाटोदा इलाके में बाघ घूम रहा है। वन विभाग को इस बाघ की लोकेशन देवलाली इलाके में मिली थी, इसलिए स्थानीय लोगों को पहले ही सतर्क रहने को कहा गया था।
बाघ की हलचल पर नजर रखने के लिए इलाके में ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। वन अधिकारियों ने कहा कि लोगों को जागरूक करने का काम भी चल रहा है। लेकिन सूखे की वजह से किसानों को जानवरों का चारा ढूंढने खेतों में जाना पड़ता है, इसलिए ऐसी घटनाओं को रोकना बड़ी चुनौती बन गया है।
विधायक सुरेश धस ने इस घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि आष्टी तालुका के लोखंडवाडी इलाके में देविदास टकले की बाघ के हमले में मौत बेहद दर्दनाक है।
धस ने बताया कि इससे पहले इसी रामलिंग बाघ के हमले में राजेंद्र गोल्हार की भी मौत हो चुकी है। इसलिए इस बाघ को तुरंत रेस्क्यू करके पकड़ने के लिए वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की गई है। उन्होंने कहा कि ट्रैप कैमरे लगवाकर जरूरी कार्रवाई के लिए पीछा किया जा रहा है।
विधायक सुरेश धस ने अपील की है कि जब तक बाघ का इंतजाम नहीं हो जाता, दौलावडगांव जिला परिषद सर्कल और देवलाली पंचायत समिति क्षेत्र के लोग अकेले खेतों में या जंगल वाले इलाके में न जाएं।
इस हमले से आष्टी तालुका के किसानों और गांव वालों में डर बना हुआ है। स्थानीय लोगों की मांग है कि वन विभाग बाघ को पकड़ने के लिए तुरंत कारगर कदम उठाए और लोगों की सुरक्षा को पहले रखे।


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