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रविवार, 8 नवंबर 2026

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दक्षिण इराण के केश्म द्वीप पर 2 धमाके, वजह अब तक साफ नहीं, होर्मुज़ के पास हलचल

दक्षिण इराण के केश्म द्वीप पर 2 धमाके, वजह अब तक साफ नहीं, होर्मुज़ के पास हलचल तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
दुनिया PT24 टीम

7 नवंबर की रात केश्म द्वीप के पूर्वी हिस्से में 2 धमाकों की खबर है। मिसाइल हमले की बात पर सूत्र ने इनकार किया है और नुकसान की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।

इराण और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के बीच दक्षिण इराण से धमाकों की आवाज़ें सुनाई देने की खबर आई है। इराण के सरकारी मीडिया ने बताया कि 7 नवंबर की रात केश्म द्वीप के पूर्वी हिस्से में 2 धमाके हुए। जास्क, सिरिक और बंदर अब्बास इलाके में भी धमाकों जैसी आवाज़ें सुने जाने की खबर है। इन घटनाओं की सही वजह अब तक साफ नहीं हुई है।

इराण की अर्धसरकारी समाचार एजेंसी ने पहले खबर दी थी कि द्वीप पर 2 मिसाइलें गिरी हैं। लेकिन बाद में एक सूत्र ने कहा कि इन धमाकों का मिसाइल हमले से कोई संबंध नहीं है। इराण के सरकारी टीवी की खबर में कहा गया कि ये आवाज़ें होर्मुज़ जलडमरूमध्य में चल रही सैन्य गतिविधियों से जुड़ी हो सकती हैं। धमाकों से कितना नुकसान हुआ या किसी की जान गई या नहीं, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

दक्षिण इराण का यह इलाका सैन्य और आर्थिक, दोनों नज़र से बहुत अहम माना जाता है। केश्म द्वीप, बंदर अब्बास और जास्क जैसी जगहें फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में समुद्री आवाजाही के लिए अहम हैं। खास तौर पर होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया भर में तेल की ढुलाई का एक अहम रास्ता है। इस रास्ते से गुज़रने वाले जहाजों पर असर पड़ा तो अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ सकती है। इसी वजह से इस इलाके की हर सैन्य हलचल पर दुनिया की नज़र रहती है।

खबरों में यह भी आया है कि हाल के दिनों में अमेरिका ने केश्म द्वीप पर सीमित सैन्य हमले किए थे। बताया गया है कि अमेरिकी अधिकारियों ने इस कार्रवाई को सीमित स्वरूप की कार्रवाई कहा। पर ताज़ा धमाकों का इन हमलों से सीधा संबंध है या नहीं, यह अभी तय नहीं हो पाया है।

अमेरिका और इराण के बीच यह संघर्ष फरवरी 2026 में शुरू हुआ था और 8 महीने से ज़्यादा समय से चल रहा है। इसकी वजह से होर्मुज़ जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही पर दबाव बढ़ा है और व्यापारी जहाजों की सुरक्षा का सवाल गंभीर हो गया है।

इसी बीच इराण के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने जानकारी दी कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के कथित प्रतिबंधित रास्ते से जा रहे 2 तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आए और उनमें आग लग गई। इस घटना का केश्म के धमाकों से कोई संबंध है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

केश्म द्वीप के धमाकों और होर्मुज़ में जहाजों से जुड़ी घटनाओं से इस इलाके के हालात और संवेदनशील हो गए हैं। एक तरफ अमेरिका इराण पर दबाव बनाए हुए है, दूसरी तरफ इराण इस अहम समुद्री रास्ते पर अपना असर बनाए रखने की कोशिश में है। ताज़ा धमाके अमेरिका या इस्राइल के किसी नए हमले का नतीजा हैं, यह अब तक साफ नहीं है। धमाकों की वजह, संभावित नुकसान और आगे की सैन्य घटनाओं पर आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

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