बुलढाणा में कृषि विभाग की अपील, खरीफ के लिए घर का सोयाबीन बीज संभालकर रखें
अल निनो के असर से बारिश घटी और सोयाबीन की पैदावार गिरी, इसलिए अगले साल बीज की कमी की आशंका है।
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इस साल अल निनो के असर से बारिश कम हुई है और इसका बड़ा झटका खरीफ सीजन की मुख्य फसलों की पैदावार को लगा है। बुलढाणा जिले की सबसे अहम खरीफ फसल सोयाबीन है। उसका उत्पादन घटने से आने वाले साल में सोयाबीन बीज की कमी पैदा होने की संभावना है।
इसी वजह से बुलढाणा जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी संतोष डाबरे ने किसानों से अपील की है कि वे अगले खरीफ सीजन (२०२६-२७) के लिए अभी से अच्छी क्वालिटी के घर के बीज इस्तेमाल करने की तैयारी कर लें।
भविष्य को देखते हुए कृषि विभाग ने घर के सोयाबीन बीज को संभालकर रखने और उसके भंडारण की मुहिम शुरू कर दी है। किसानों के बीच इसे लेकर बड़े पैमाने पर जागरूकता भी फैलाई जा रही है। कृषि अधिकारी संतोष डाबरे और कृषि उपसंचालक अनुराधा गावडे ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से बीज संभालने के बारे में नीचे दी गई बातें बताई हैं।
जिन किसानों के पास सुरक्षित सिंचाई वाली जमीन में अच्छी क्वालिटी का सोयाबीन हुआ है, वे अपने लिए जितना बीज चाहिए उतना रख लें। बाकी बीज आसपास के दूसरे किसान भाइयों को वाजिब और सही दाम पर दें। इससे गांव में ही अच्छा बीज मिल जाएगा और किसान बीज के मामले में आत्मनिर्भर बनेंगे।
सोयाबीन का बीज उगने के मामले में बहुत नाजुक होता है। इसलिए उसकी जमने की ताकत बनी रहे, इसके लिए थ्रेशर मशीन का आरपीएम ३५० से ४०० से कम रखना चाहिए। अलग-अलग किस्मों के बीज की थ्रेशिंग करते समय वे आपस में न मिलें, इसका ध्यान रखें। थ्रेशर में पिछली फसलों का जो भी अवशेष हो, उसे पूरी तरह साफ करने के बाद ही थ्रेशिंग करें।
बीज को ढोते और संभालते समय उसे झटका या पटकने जैसी चोट न लगे, इसकी भी सावधानी रखें। बीज रखते समय बोरियों की बहुत ऊंची थप्पी न लगाएं।