सोम‌वार, 19 अक्टूबर 2026

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16:23 IST

अमरावती के 65 स्कूलों में शौचालय कंटेनर नहीं लगे, घटिया सामान की भी शिकायत

महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति ने वर्क ऑर्डर के मुताबिक अच्छे सामान से अधूरा काम पूरा करने की मांग की है।

अमरावती के 65 स्कूलों में शौचालय कंटेनर नहीं लगे, घटिया सामान की भी शिकायत तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

अमरावती में स्कूली बच्चों के लिए भेजे गए प्री-फैब्रिकेटेड सैनिटरी फैसिलिटी यानी शौचालय के कंटेनर कई महीनों से स्कूलों में लगे ही नहीं हैं। पावर्धा प्रथाल्दा के 65 स्कूलों के लिए ये कंटेनर दिए गए थे। जहां कुछ कंटेनर लग गए, वहां उनमें इस्तेमाल हुआ सामान घटिया बताया जा रहा है। इसी वजह से पूरे काम की क्वालिटी पर सवाल खड़े हो गए हैं।

महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति ने इस पर आवाज उठाई है। समिति की मांग है कि अच्छी क्वालिटी का सामान लगाकर अधूरे काम पूरे किए जाएं।

जिन स्कूलों में शौचालय खड़े किए गए हैं, वहां भी शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि इस्तेमाल हुआ सामान निचले दर्जे का है। पापला दरारें पड़ गई हैं, टाइल्स और फर्श के पत्थर टूट रहे हैं, और बाकी सामान की क्वालिटी भी तसल्लीबख्श नहीं है। कई स्कूलों में कंटेनर लगाने का काम अधूरा है, इसलिए वे स्कूल के परिसर में यूं ही पड़े हुए हैं।

समिति का कहना है कि काम के वर्क ऑर्डर में जो लिखा गया है, उसी के हिसाब से प्री-फैब्रिकेटेड सैनिटरी फैसिलिटी का पूरा इंस्टॉलेशन होना चाहिए। वर्क ऑर्डर में जिस क्वालिटी का और काम आने लायक सामान तय किया गया है, वही लगाकर बाकी काम फौरन पूरा किया जाए, यह समिति की मांग है।

इन शौचालयों की खरीद महाराष्ट्र प्राथमिक शिक्षण परिषद, मुंबई के जरिए हुई थी। उन्हें स्कूलों में लगाने के लिए भेजा गया। इस काम का ठेका नाशिक की पवार पाटकर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया गया है। इसी कंपनी ने जिले के स्कूलों के लिए ये कंटेनर पहुंचाए। कुछ स्कूलों में कंटेनर मार्च में भेजे गए, तो कुछ जगह मई और जुलाई में। इसके बावजूद आज तक कई स्कूलों में इन्हें खड़ा नहीं किया गया है।

शिक्षक समिति के राज्य अध्यक्ष विजय कोंबे ने जिला परिषद के प्रशासक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमन तथा प्राथमिक शिक्षा अधिकारी सीमा पाटील को निवेदन सौंपा है। इसमें उन्होंने दोनों अधिकारियों से इस मामले में ध्यान देने की गुजारिश की है।

समिति को उम्मीद है कि स्कूलों में बच्चों के लिए शौचालय की सुविधा देते वक्त काम की क्वालिटी और सुरक्षा को सबसे पहले रखा जाएगा। अब सबकी नजर इस पर है कि शिकायत का संज्ञान लेकर संबंधित विभाग अधूरे काम पूरे करने और सामान की क्वालिटी जांचने के लिए क्या कार्रवाई करता है। यह जानकारी शिक्षक समिति के राज्य प्रचार प्रमुख राजेश सावरकर ने दी है।

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