ट्रम्प और शी की बैठक के बाद चीन ने अमेरिका से खरीदा सोयाबीन, 8 से 10 कार्गो के सौदे
ट्रम्प और शी जिनपिंग की शिखर बैठक के बाद चीन की सरकारी कंपनियों ने अमेरिका से सोयाबीन के 8 से 10 कार्गो खरीदे हैं।
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अमेरिका और चीन के बीच व्यापार के रिश्ते कुछ सुधरते दिख रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की शिखर बैठक के बाद चीन ने अमेरिका से सोयाबीन की खरीद की है। सूत्रों के मुताबिक, पहले ही सौदों में चीन ने सोयाबीन के 8 से 10 कार्गो खरीदे हैं। इन सौदों से दोनों देशों के बीच खेती-किसानी के सामान के कारोबार को फिर रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
ये सौदे चीन की सरकारी मालिकाने वाली ट्रेडिंग कंपनियों ने किए हैं। खरीदे गए हर पनामैक्स कार्गो में करीब 65 हजार मेट्रिक टन सोयाबीन आता है। इस हिसाब से 8 से 10 कार्गो में चीन को अंदाजन 5.2 से 6.5 लाख मेट्रिक टन सोयाबीन भेजा जा सकता है। माल की ढुलाई दिसंबर से शुरू होने की संभावना है। कुछ हफ्तों के अंतराल के बाद चीन की तरफ से अमेरिकी सोयाबीन की यह खरीद अहम मानी जा रही है।
सितंबर में हुई ट्रम्प और शी जिनपिंग की शिखर बैठक के बाद दोनों देशों ने संभावित शुल्क कटौती की एक सूची जारी की थी। लेकिन उस सूची में सोयाबीन शामिल नहीं था। इसी वजह से यह उम्मीद कमजोर पड़ गई थी कि चीन की निजी सोयाबीन प्रोसेसिंग कंपनियां अमेरिका से बड़े पैमाने पर खरीद शुरू करेंगी। अभी के सौदे सरकारी कंपनियों ने किए हैं, इसलिए दोनों देशों के व्यापार रिश्तों के नजरिए से इन पर खास नजर रखी जा रही है।
अमेरिका के व्हाइट हाउस की जारी जानकारी के मुताबिक, चीन ने 2026-27 के मार्केटिंग साल में अमेरिका से 25 मिलियन मेट्रिक टन सोयाबीन खरीदने का लक्ष्य रखा है। ताजा सौदों से पहले चीन करीब 13.7 मिलियन टन सोयाबीन खरीद चुका था। यानी तय लक्ष्य के आधे से ज्यादा की खरीद पहले ही हो चुकी है।
फिर भी यह कहना ठीक नहीं होगा कि चीन की सोयाबीन की मांग पूरी तरह बढ़ गई है। सितंबर में चीन का सोयाबीन आयात 11.88 मिलियन टन रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 7.7 फीसदी कम है। ऐसे में आगे चीन अमेरिका से और कितनी खरीद करता है, इस पर दुनिया भर के खेती के बाजार की नजर रहेगी।