स्मार्ट मीटर पर बवाल: पुराने मीटर वालों को दोगुने बिल, बिजली कंपनी पर ग्राहक भड़के
पुराने मीटर वाले बिजली ग्राहकों को दोगुने बिल भेजे जाने से म्हसवड में स्मार्ट मीटर को लेकर नाराजगी बढ़ गई है।
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स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर ग्राहकों का गुस्सा फिर भड़क उठा है। विद्युत वितरण कंपनी के स्मार्ट मीटर का ग्राहक जोरदार विरोध कर रहे थे। अब कंपनी ने इसका जवाब एक ऐसे तरीके से दिया है, जिससे ग्राहकों की बोलती बंद हो गई है। लेकिन यह तरीका ग्राहकों पर भारी आर्थिक बोझ डाल रहा है, इसलिए कई ग्राहकों में तीव्र नाराजगी है।
मामला कुछ यूं है। पिछले साल से कंपनी ने ग्राहकों के पुराने बिजली मीटर बदलकर नए स्मार्ट मीटर लगाना शुरू किया। ग्राहकों को इसकी कोई पूर्वसूचना नहीं दी गई। मीटर बदलने की यह जबरदस्ती चल ही रही थी कि जिनके मीटर बदले गए, उन्हें अनाप-शनाप बिल आने लगे। इससे शहरी इलाकों से लेकर गांवों तक स्मार्ट मीटर का विरोध बढ़ता गया।
इसके बावजूद स्मार्ट मीटर के ठेकेदारों ने कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों को साथ लेकर मीटर बदलने का काम जारी रखा। कुछ जगहों पर आंदोलन हुए। कुछ जगहों पर मीटर बदलने आए ठेकेदार के कर्मचारियों को ग्राहकों ने भगा दिया। इस वजह से पिछले कुछ दिनों से मीटर बदलने का काम कुछ धीमा पड़ गया था।
अब कंपनी ने नया तरीका निकाला है। जिन ग्राहकों के मीटर पुराने हैं, उन्हें पिछले कुछ महीनों से बढ़ा हुआ बिल दिया जा रहा था। यह बढ़ोतरी पहले से कुछ ही ज्यादा थी, इसलिए ग्राहकों ने ज्यादा शिकायत नहीं की। लेकिन अब कंपनी ने इन्हीं ग्राहकों को सीधे दोगुने बिल भेज दिए हैं, जिससे उनमें तीव्र गुस्सा फैल गया है।
ज्यादा आए बिल को लेकर ग्राहक कंपनी के दफ्तर जाए तो उसे बताया जा रहा है कि "आपका मीटर फॉल्टी है, उसे बदलना ही पड़ेगा।" डर भी दिखाया जा रहा है कि मीटर नहीं बदला तो अगला बिल इससे भी ज्यादा आ सकता है। ऐसे में ग्राहकों की हालत "भीख नहीं चाहिए, पर कुत्ते को संभालो" वाली हो गई है। अब देखना होगा कि बिजली ग्राहक संरक्षण समिति इस चाल के खिलाफ क्या कदम उठाती है, या ग्राहकों को उनके हाल पर छोड़ देती है।
कहा जा रहा है कि इससे कंपनी और संबंधित ठेकेदारों की छुपी साठगांठ उजागर हो गई है। पहले इसी कंपनी के अधिकारी कहते थे कि "हमारा इन ठेकेदारों से कोई संबंध नहीं है।" बाद में वही अधिकारी और कर्मचारी ठेकेदारों के साथ ग्राहकों के घर-घर घूमने लगे, जिससे कंपनी के खिलाफ रोष बढ़ा था। उसके विकल्प के तौर पर अब यह नया तरीका अपनाए जाने की बात कही जा रही है।
ऑनलाइन बिल भरने वाले ग्राहकों को फिलहाल ये दोगुने बिल अपने मोबाइल पर दिख रहे हैं। जब ये बढ़े हुए बिल सचमुच उनके हाथ में पहुंचेंगे, तब उन्हें '४२०' का करंट लगे बिना नहीं रहेगा।
मुख्यमंत्री के आश्वासन का क्या हुआ? राज्य के कोने-कोने से स्मार्ट मीटर का तीव्र विरोध होने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसकी गंभीर दखल लेकर सदन में इस पर बात की थी। उन्होंने घोषणा की थी कि स्मार्ट मीटर के लिए ग्राहकों पर जबरदस्ती नहीं की जा सकेगी और ये मीटर सिर्फ उद्योगों के लिए लगाए जाएंगे। इससे आम बिजली ग्राहक खुश हुए थे। लेकिन कंपनी ने अब पुराने मीटर वालों के बिल दोगुने करके उस पर भी पानी फेर दिया और ग्राहकों को जोरदार झटका दिया है।