सूखा पीड़ितों के लिए चिखली के ग्राम महसूल अधिकारी देंगे एक दिन का वेतन
बुलढाणा जिले की चिखली तहसील के ग्राम महसूल अधिकारियों ने मुख्यमंत्री सहायता निधि के लिए अपने एक दिन के वेतन की कटौती का निवेदन तहसीलदार को सौंपा है।
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बुलढाणा जिले की चिखली तहसील में सूखे के हालात को देखते हुए वहां के ग्राम महसूल अधिकारियों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। सूखे से परेशान लोगों की मदद हो सके, इसी मकसद से इन अधिकारियों ने अपना एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री सहायता निधि में देने का फैसला किया है।
इसके लिए एक दिन का वेतन काटने का निवेदन तहसीलदार विजय सवडे को सौंपा गया। अधिकारियों ने इसे सामाजिक प्रतिबद्धता निभाने की पहल बताया है, यानी संकट में फंसे लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश।
सूखे की वजह से किसानों के साथ-साथ गांवों के कई परिवारों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मुश्किल वक्त में प्रशासन से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदारी समझकर आगे आएं, यह अहम माना गया है। इसी भावना से ग्राम महसूल अधिकारियों ने अपने एक दिन के वेतन के जरिए सूखा पीड़ितों की मदद करने की पहल की।
ग्राम महसूल अधिकारी गांव के लोगों और प्रशासन के बीच की अहम कड़ी हैं। किसानों की दिक्कतें और प्राकृतिक आपदा के दिनों के हालात वे करीब से जानते हैं। इसीलिए मुख्यमंत्री सहायता निधि के लिए एक दिन का वेतन कटवाने की यह पहल संवेदनशीलता और इंसानियत की मिसाल मानी जा रही है।
निवेदन सौंपते समय कई पदाधिकारी और अधिकारी मौजूद थे। इनमें विदर्भ पटवारी संघ के बुलढाणा उपविभाग अध्यक्ष योगेश भुसारी, चिखली तहसील सचिव रुपेश एकडे और बुलढाणा जिला कोषाध्यक्ष संजय डुकरे पाटील शामिल थे। मंडल अधिकारी संगठन के संजय सरागे, बुलढाणा जिला मंडल अधिकारी संघ के जिला उपाध्यक्ष मंगल सवडतकर और तलाठी पत संस्था के अध्यक्ष अनिल जाधव भी वहां थे।
इनके अलावा कल्पना वानखेडे, इंदु शेजोळ, नितीन काळे, सुनील डव्हळे और जय सिरसाट समेत चिखली तहसील के सभी ग्राम महसूल अधिकारी और मंडल अधिकारी उपस्थित रहे।
संकट के समय जरूरतमंदों के साथ खड़े रहने की यह पहल एक प्रेरणादायी संदेश देती है। इससे प्रशासन की संवेदनशीलता और समाज के प्रति कर्तव्यनिष्ठा सामने आई है।