बैंकॉक में IMF बैठक: रूसी वित्त मंत्री के बोलते ही कई देशों के प्रतिनिधि सभागृह से निकले
बैंकॉक में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की सालाना बैठक में रूस के वित्त मंत्री अँटोन सिलुआनोव के भाषण शुरू करते ही कई देशों के प्रतिनिधि बाहर चले गए।
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बैंकॉक में चल रही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की सालाना बैठक में रूस की भागीदारी को लेकर बड़ा राजनयिक विवाद खड़ा हो गया है। रूस के सदस्यों को देखकर दूसरे देशों के प्रतिनिधि पूरी तरह नाराज हो गए।
रूस के वित्त मंत्री अँटोन सिलुआनोव ने IMF की संचालन समिति की बैठक में बोलना शुरू किया ही था कि कई देशों के प्रतिनिधि सभागृह से उठकर बाहर चले गए और इस तरह अपना विरोध दर्ज कराया। वैश्विक राजनीति के विश्लेषक इसे रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग का असर बता रहे हैं।
17 अक्टूबर को हुई बैठक में सिलुआनोव ने रूसी भाषा में भाषण शुरू किया। जैसे ही उन्होंने अपना पहला शब्द बोला, डेनमार्क, स्वीडन, फिनलैंड, नॉर्वे, लिथुआनिया, लातविया और एस्टोनिया जैसे देशों के प्रतिनिधि अचानक खड़े हुए और सभागृह से निकलने लगे।
ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के प्रतिनिधि भी इस विरोध में शामिल थे। जर्मनी के बुंडेसबैंक के योआखिम नागेल ने बताया कि करीब 50 फीसदी प्रतिनिधि इस विरोध में शामिल थे। एक यूरोपीय राजनयिक अधिकारी ने पूरे जज्बे के साथ अपनी बात रखी कि यूक्रेन की संप्रभुता पर हुए हमले को नजरअंदाज करके रूस के साथ सामान्य रिश्ते रखना यूरोप को मंजूर नहीं है।
फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर पूरी तरह हमला शुरू किया था। तब से अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंचों पर रूस की भागीदारी का मुद्दा विवादित बना हुआ है। यूरोपीय देश रूस को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आसानी से स्वीकार करने का विरोध कर रहे हैं। दूसरी तरफ अमेरिका ने रूस की भागीदारी का समर्थन किया है।
अमेरिका के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय संकट का हल निकालने के लिए बातचीत जारी रखना जरूरी है। इसी वजह से अमेरिका की तरफ से यह रुख रखा जा रहा है कि रूस को बातचीत से पूरी तरह दूर रखने के बजाय उससे बात की जाए। इससे अमेरिका और यूरोप के देशों के रुख में फर्क भी साफ दिख रहा है।
इस पूरे विवाद के बाद भी IMF की संचालन समिति आखिरकार अध्यक्ष के अंतिम बयान पर सहमत हो गई। समिति के अध्यक्ष और सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद अल जदान ने प्रतिनिधियों के बीच मतभेद की बात मानी। उन्होंने कहा कि अहम बात यह है कि सभी सदस्यों ने अंतिम बयान पर सहमति दी।