यूक्रेन ने रूस पर एक हजार से ज्यादा ड्रोन दागे, सेंट पीटर्सबर्ग के तेल डिपो में आग
रूस के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक एक रात में 1,015 यूक्रेनी ड्रोन गिराए गए। सेंट पीटर्सबर्ग में तेल टर्मिनल और डिपो को निशाना बनाया गया।
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रूस और यूक्रेन की जंग एक बार फिर भड़क उठी है। खबर है कि यूक्रेन ने रूस पर एक हजार से ज्यादा ड्रोन दागे, जिससे रूस को कुछ देर के लिए कुछ समझ ही नहीं आया। इस हमले में रूस के तेल भंडारण और निर्यात को निशाना बनाया गया।
रूस के रक्षा मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक, उसकी हवाई सुरक्षा व्यवस्था ने एक रात में 1,015 यूक्रेनी ड्रोन गिराने का दावा किया है। मंत्रालय के अनुसार ये ड्रोन रूस के अलग-अलग इलाकों के साथ क्रिमिया और काला सागर के आसपास रोके गए। सेंट पीटर्सबर्ग में हुए इस हमले में कई जगह आग लग गई। इतने बड़े ड्रोन हमले से रूस की हवाई सुरक्षा व्यवस्था की हालत खराब हो गई, ऐसा मिली जानकारी से पता चलता है।
सेंट पीटर्सबर्ग के ऑइल टर्मिनल और रुची तेल डिपो को निशाना बनाया गया। स्थानीय प्रशासन ने इन जगहों पर आग लगने की जानकारी दी है। इसके अलावा रूस की रिटेल कंपनी ओजोन के लॉजिस्टिक सेंटर में भी आग लगी। टेक्नोलॉजी कंपनी VK ने बताया है कि उसके डेटा सेंटर पर भी हमला हुआ। इन हमलों से रूस के ऊर्जा और टेक्नोलॉजी सेक्टर की अहम सुविधाओं की सुरक्षा का सवाल फिर खड़ा हो गया है।
इस बीच रूस ने भी यूक्रेन के एक शहर पर हमले किए हैं। बताया गया है कि इसमें एक महिला की मौत हुई और छह साल की एक बच्ची समेत दूसरे आम लोग जख्मी हुए हैं। रूस ने यूक्रेन से इस हमले का जोरदार जवाब देने का वादा किया है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि रूस लगातार ऊर्जा सुविधाओं पर हमले कर रहा है। उनके कहने के मुताबिक पिछले हफ्ते यूक्रेन की ऊर्जा, तेल और गैस सुविधाओं पर 76 बार हमले हुए। जंग के साथ-साथ अमेरिका और यूक्रेन के रिश्तों में भी तनाव आ गया है और दोनों देशों में एक-दूसरे को लेकर काफी नाराजगी और गुस्सा पैदा हुआ है।
इस जंग की शुरुआत 2014 में हुई थी, लेकिन पूरी ताकत से लड़ाई 24 फरवरी 2022 को शुरू हुई, जब रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने अपनी फौज को यूक्रेन पर पूरी ताकत से हमला करने का आदेश दिया। 18 अक्टूबर 2026 तक इस जंग को 4 साल 7 महीने और 24 दिन हो चुके हैं, फिर भी यह थमने का नाम नहीं ले रही।