अनुप्रिया पटेल ने रखा स्वास्थ्य क्षेत्र का रोडमैप, 2047 तक सबको सस्ता इलाज देने की तैयारी
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नई दिल्ली के India Health Summit & Awards 2026 में केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने स्वास्थ्य क्षेत्र का आगे का खाका बताया।
नई दिल्ली में हुए India Health Summit & Awards 2026 में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने देश के स्वास्थ्य क्षेत्र का आगे का रोडमैप सामने रखा। उन्होंने बताया कि 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को ज्यादा मजबूत, आसान और आधुनिक बनाने का बड़ा खाका तैयार किया है।
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब देश के लोग सेहतमंद हों और हर नागरिक को सस्ता और अच्छा इलाज मिले। कार्यक्रम में गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 12 साल में सरकार की स्वास्थ्य नीतियों में बड़े बदलाव हुए हैं।
बजट के बारे में उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 में स्वास्थ्य क्षेत्र का बजट करीब 37,000 करोड़ रुपये था। पिछले 12 साल में यह चार गुना से भी ज्यादा बढ़ चुका है। सरकारी खर्च बढ़ने से लोगों की जेब से इलाज पर होने वाला खर्च, यानी Out-of-pocket expenditure, 64 प्रतिशत से घटकर अब करीब 43 प्रतिशत रह गया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के 62 करोड़ नागरिकों को सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का कवच मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सेवाएं घर-घर पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल शुरू किया है। देश में बने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अब 12 तरह की सेवाएं दी जा रही हैं। ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन नेटवर्क से गांव-देहात के लोगों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह आसानी से मिल रही है। क्लिनिकल फैसले की प्रणाली, नई दवाओं की खोज और मेडिकल डेटा के विश्लेषण में AI का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर बढ़ाया जा रहा है। देश में AIIMS की संख्या बढ़ाकर 23 कर दी गई है और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और रायबरेली में भी AIIMS चल रहे हैं।
दवाओं के बारे में अनुप्रिया पटेल ने बताया कि अमृत फार्मेसी और जन औषधि केंद्रों के जरिए जेनेरिक दवाएं 70 से 80 प्रतिशत तक कम दाम पर मिल रही हैं। 17 कैंसर-रोधी दवाओं पर मूल सीमा शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। गंभीर बीमारियों का इलाज और आसान बनाया जा रहा है, और टीबी के खात्मे के लिए AI पर आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे उपकरण इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
इसी सम्मेलन में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने ऐलान किया कि दिल्ली सरकार लोगों के घर के पास बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए अगले साल चार नए अस्पताल शुरू करेगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में करीब 450 आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू हो चुके हैं, जहां लगभग 100 तरह की जांच की सुविधा है।
'Bridging Worlds: Integrating Ayush and Modern Medicine' सत्र में केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के बीच कोई टकराव नहीं है। उनके मुताबिक मरीज की जरूरत के हिसाब से सही इलाज देना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि हर पारंपरिक इलाज वैज्ञानिक कसौटी पर कितना खरा उतरता है, इसकी ठीक से जांच भी जरूरी है।
समारोह में स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वाली देश की 35 प्रमुख हेल्थकेयर संस्थाओं, अस्पताल नेटवर्क और स्पेशालिटी चेन को उनकी क्लिनिकल उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया। Onextel Communication Media के सहयोग से हुए इस सम्मेलन में नोवार्टिस (Novartis) को-पावर्ड पार्टनर के तौर पर शामिल हुई।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।