गर्भावस्था में बढ़ती भूलने की आदत: 'प्रेग्नेंसी ब्रेन' की वजह और लक्षण
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खारघर के मदरहुड हॉस्पिटल की डॉ. सुरभी सिद्धार्थ के मुताबिक हार्मोन, नींद, थकान और तनाव की वजह से गर्भवती महिलाओं में भूलने की दिक्कत बढ़ सकती है।
गर्भावस्था के दौरान कई महिलाओं को लगता है कि घर की कोई चीज़ कहाँ रखी थी, यह याद ही नहीं आ रहा। कभी डॉक्टर के पास जाना भूल जाती हैं, तो कभी कोई काम करते-करते बीच में ही याद नहीं रहता कि आगे क्या करना था। इस दौरान भूलने की आदत बढ़ने या किसी बात पर ध्यान टिकाने में दिक्कत होने का अनुभव भी हो सकता है। गर्भावस्था में होने वाले इन बदलावों को 'प्रेग्नेंसी ब्रेन' कहा जाता है।
खारघर के मदरहुड हॉस्पिटल की प्रसूति और स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. सुरभी सिद्धार्थ ने इस बारे में जानकारी दी है। उनके मुताबिक हार्मोन में बदलाव, अधूरी नींद, शारीरिक थकान और मानसिक तनाव की वजह से ऐसा हो सकता है। लेकिन अगर यह परेशानी लगातार बनी रहे या रोज़ के कामों में रुकावट डालने लगे, तो इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
डॉ. सुरभी सिद्धार्थ के अनुसार गर्भधारणा के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन के स्तर में बड़े बदलाव आते हैं। इनका असर मानसिक स्थिति, नींद और दिमाग के कामकाज पर पड़ सकता है। इसी वजह से कुछ महिलाओं को आम दिनों से ज़्यादा भूलने की दिक्कत होती है या किसी काम पर ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है।
नींद की कमी भी एक वजह बताई गई है। गर्भावस्था में बार-बार पेशाब जाना, सीने में जलन, शारीरिक बेचैनी या सोने के लिए आरामदेह पोज़ीशन न मिलना जैसी वजहों से नींद में अड़चन आ सकती है। पूरी और गहरी नींद न मिले तो याददाश्त, एकाग्रता और सोचने की क्षमता पर असर पड़ सकता है।
मन की हालत भी मायने रखती है। बच्चे के जन्म की तैयारी, डॉक्टर से मुलाकात, जाँचें, घर का इंतज़ाम और बच्चे की सेहत की फिक्र जैसी कई बातें गर्भवती महिला के दिमाग में एक साथ चलती रहती हैं। एक साथ इतनी चीज़ों पर सोचना पड़े तो रोज़ के कामों पर ध्यान लगाना कठिन हो सकता है। इसके अलावा गर्भधारणा, प्रसव, पैसों के इंतज़ाम, नौकरी और माता-पिता की ज़िम्मेदारी को लेकर चिंता हो सकती है। ऐसे ख़यालों में उलझे रहने से ध्यान भटकता है और कुछ बातें भूलने की आदत बढ़ सकती है।
शारीरिक थकान का भी ज़िक्र है। ख़ासकर गर्भावस्था की पहली और तीसरी तिमाही में कई महिलाओं को ज़्यादा थकान महसूस होती है। शरीर की ऊर्जा कम हो तो काम करने की क्षमता और एकाग्रता भी घट सकती है।
हर महिला को यह अनुभव एक जैसा नहीं होता। किसी को छोटी-मोटी बातें भूलने की परेशानी होती है, तो किसी को काम पर ध्यान टिकाने में दिक्कत आती है। लक्षणों में ये बातें गिनाई गई हैं: कोई चीज़ कहाँ रखी, यह याद न आना; डॉक्टर के पास जाना या कोई ज़रूरी काम भूल जाना; बातचीत के बीच अचानक याद न रहना कि क्या कहना था; किसी काम पर लंबे समय तक ध्यान न लगा पाना; आम दिनों से ज़्यादा बार याद दिलाने की ज़रूरत पड़ना; और सोचने की रफ़्तार धीमी लगना या ध्यान बार-बार भटकना।
भूलने की आदत कम करने के लिए डॉ. सुरभी सिद्धार्थ की ओर से कुछ आसान आदतें बताई गई हैं, जिनसे रोज़ के कामों की योजना बनाना और एकाग्रता बनाए रखना आसान हो सकता है। इनमें नींद को प्राथमिकता देना, सोने और उठने का समय तय रखना और हो सके तो दिन में थोड़ा आराम करना शामिल है। डॉक्टर के पास जाने, दवाओं और ज़रूरी कामों को मोबाइल या डायरी में लिख लेना, एक बार में एक ही काम करना, चाबी, मोबाइल, कागज़ात जैसी ज़रूरी चीज़ें हमेशा एक ही जगह रखना भी सुझाया गया है। इसके साथ नियमित और संतुलित खाना, शरीर में पानी की कमी न होने देना, और डॉक्टर की इजाज़त हो तो टहलना या गर्भावस्था के लायक कसरत करना बताया गया है। दिमागी तौर पर थकाने वाला काम करते समय बीच-बीच में छोटा ब्रेक लेने और चिंता या तनाव लगातार रहे तो डॉक्टर से खुलकर बात करने की भी सलाह है।
यह भी बताया गया है कि गर्भावस्था में भूलने के पीछे सिर्फ़ हार्मोन में बदलाव ही वजह नहीं होते। अगर भूलने की परेशानी तेज़ हो, अचानक बढ़ गई हो या उससे रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर काफ़ी असर पड़ रहा हो, तो स्त्रीरोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। लगातार थकान, चक्कर आना, कमज़ोरी या दूसरे लक्षण हों, तो एनीमिया, थायरॉइड की दिक्कतों, नींद की समस्याओं या सेहत से जुड़ी दूसरी वजहों की जाँच ज़रूरी हो सकती है। लक्षणों के हिसाब से डॉक्टर सही जाँचें सुझा सकते हैं।
कुल मिलाकर, गर्भावस्था में भूलना या ध्यान न लगना कई महिलाओं के लिए एक अलग तरह का अनुभव हो सकता है, जिसमें हार्मोन, कम नींद, थकान और तनाव की भूमिका हो सकती है। कभी-कभार कुछ भूल जाना आम तौर पर चिंता की बात नहीं होती। लेकिन भूलने की दिक्कत तेज़ हो या लगातार बनी रहे, तो उसे गर्भावस्था का सामान्य हिस्सा मानकर टालना नहीं चाहिए, बल्कि डॉक्टर की सलाह लेना ज़रूरी है।
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