गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

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केज तालुका के बोरगांव में फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई

केज तालुका के बोरगांव में फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सेहत PT24 टीम

बीड जिले के केज तालुका के बोरगांव में स्वास्थ्य विभाग ने 27 अक्टूबर को छापा मारकर विलास बन को हिरासत में लिया और पुलिस के हवाले किया।

बीड जिले के केज तालुका में एक फर्जी डॉक्टर का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग ने बोरगांव में 27 अक्टूबर को कार्रवाई करते हुए विलास बन को हिरासत में लिया। विभाग के मुताबिक उसके पास मेडिकल की पढ़ाई नहीं थी और वह नकली सर्टिफिकेट के सहारे मरीजों का इलाज कर रहा था।

स्वास्थ्य विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि बोरगांव में एक आदमी बिना मेडिकल शिक्षा के, नकली प्रमाणपत्र के आधार पर डॉक्टर बनकर प्रैक्टिस कर रहा है। इस सूचना पर विभाग ने कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद खंड विकास अधिकारी विठ्ठल नागरगोजे, तालुका स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुंडे और स्वास्थ्य विस्तार अधिकारी छाया जाधव की टीम पुलिस को साथ लेकर बोरगांव पहुंची और छापा मारा।

जानकारी के मुताबिक छापे में पता चला कि विलास बन के पास इलाज करने के लिए जरूरी सरकारी मान्यता वाली शैक्षणिक योग्यता, डिग्री या रजिस्ट्रेशन नहीं था, फिर भी वह मरीजों का इलाज कर रहा था। टीम ने उसे हिरासत में ले लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। उसके पास से अलग-अलग दवाइयां और इलाज में इस्तेमाल होने वाला सामान भी जब्त किया गया है।

बताया गया है कि डॉ. मुंडे की शिकायत पर केज पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।

इस घटना के बाद गांव के इलाकों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह आदमी कई दिनों से प्रैक्टिस कर रहा था। ऐसे में पूछा जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग को इसकी खबर पहले क्यों नहीं लगी।

जिले में फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए कलेक्टर ने निर्देश दिए थे। उसके बाद ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया दिख रहा है। लेकिन गांव के स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और संबंधित अधिकारी काम करते हैं, फिर भी ऐसे मामलों पर वक्त रहते ध्यान क्यों नहीं गया, इसकी जांच होनी चाहिए, ऐसी मांग भी उठ रही है।

तालुका स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुंडे ने अपील की है कि केज तालुका या आसपास के इलाके में कोई आदमी मेडिकल योग्यता के बिना डॉक्टर बनकर प्रैक्टिस करता मिले, तो लोग स्वास्थ्य विभाग को बताएं। जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

बोरगांव की इस कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजर इस पर है कि पुलिस जांच में क्या सामने आता है और इलाके के दूसरे फर्जी डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है।

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