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06:54 IST

आलू से पॉपकॉर्न तक: आठ चीज़ें जिन्हें लोग बेवजह बुरा मान लेते हैं

तब्येत ठीक रखनी हो या वज़न घटाना हो, तो बहुत लोग पसंदीदा चीज़ें छोड़ देते हैं। खाने का तरीका बदलने की बात इस रिपोर्ट में आठ पदार्थों के बारे में कही गई है।

आलू से पॉपकॉर्न तक: आठ चीज़ें जिन्हें लोग बेवजह बुरा मान लेते हैं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

हम में से बहुत लोगों को लगता है कि तब्येत अच्छी रखनी हो या वज़न कम करना हो, तो सारी पसंदीदा चीज़ें बंद करनी पड़ती हैं। सोशल मीडिया पर कोई कुछ बोल देता है और हम उस पर यकीन कर लेते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक जिन चीज़ों को हम बुरा समझकर छोड़ देते हैं, वही शरीर के लिए अच्छी होती हैं। दिक्कत खाने के तरीके में है। तेल में तलना और ऊपर से ज़्यादा चीनी डालना बंद कर दिया जाए, तो वही चीज़ें दवा जैसा काम करती हैं।

सबसे पहले आलू की बात। कहा जाता है कि आलू खाने से आदमी मोटा हो जाता है, क्योंकि हम उसके वेफर्स, समोसा और फ्रेंच फ्राइज़ खाते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि असली आलू बहुत अच्छा होता है और उसमें फैट बिल्कुल नहीं होता। उबले आलू में विटामिन C, पोटैशियम और फाइबर भरपूर होता है। पेट भरता है और ताकत भी आती है। तलने की जगह उबालकर या सब्ज़ी बनाकर खाया जाए, तो उससे अच्छी चीज़ नहीं।

अंडे के बारे में कई सालों तक लोगों से कहा गया कि पीला हिस्सा मत खाओ, उससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। रिपोर्ट के मुताबिक अब डॉक्टर ही कहते हैं कि एक सेहतमंद आदमी रोज़ एक पूरा अंडा खाए, तब भी कुछ नहीं होता। अंडे में प्रोटीन, विटामिन D और B12 होता है और वह आँखों के लिए भी अच्छा बताया गया है। जिसे जिम करना है, उसे तो अंडा खाना ही चाहिए, ऐसा रिपोर्ट में कहा गया है।

पॉपकॉर्न में थिएटर वाला, जिसमें मक्खन और नमक डाला जाता है, जंक फूड ही है। पर घर में मक्के से बना सादा पॉपकॉर्न पूरा अनाज है और उसमें फाइबर होता है। बिना तेल के सिर्फ गरम हवा पर बना पॉपकॉर्न वज़न घटाने वालों के लिए बेस्ट स्नैक बताया गया है। पेट भरता है, पर वज़न नहीं बढ़ता।

पीनट बटर में फैट होता है, इसलिए लोग डरते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वह अच्छा फैट है और दिल के लिए ठीक रहता है। उसमें प्रोटीन और विटामिन E भी है। बस बाज़ार वाला चीनी डला पीनट बटर न लें, मूंगफली का शुद्ध बटर लें।

कॉफी के बारे में कहा जाता है कि उससे नींद उड़ती है और दिल की धड़कन बढ़ती है। रिपोर्ट में सलाह है कि चीनी या क्रीम डाले बिना सादी ब्लैक कॉफी पी जाए, वह सेहत के लिए अच्छी होती है। डार्क चॉकलेट के बारे में बचपन से सुनते हैं कि उससे दाँत सड़ते हैं और मोटापा आता है। रिपोर्ट के मुताबिक 70 प्रतिशत से ज़्यादा कोको वाली डार्क चॉकलेट दवा जैसी है। उससे खून का दौरा ठीक होता है, दिल मज़बूत होता है और उसमें आयरन भी होता है। रोज़ एक छोटा टुकड़ा खाने में कोई नुकसान नहीं बताया गया।

दही से कुछ लोग फैट के डर से दूर रहते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दही में कैल्शियम, प्रोटीन और पेट के लिए अच्छे बैक्टीरिया होते हैं, इसलिए रोज़ के खाने में थोड़ा दही होना चाहिए। बाज़ार का स्ट्रॉबेरी या मैंगो फ्लेवर वाला मीठा दही न लें, सादे दही में फल डालकर खाएँ। आखिर में एवोकैडो है। महँगा है, पर रिपोर्ट के मुताबिक बेस्ट है। उसका फैट खराब कोलेस्ट्रॉल कम करता है, दिल के लिए बहुत अच्छा है, और उसमें फाइबर व पोटैशियम भी भरपूर है।

रिपोर्ट का निचोड़ यह है कि कोई भी कुदरती चीज़ बुरी नहीं होती। सब कुछ इस पर टिका है कि उसे कैसे बनाया जाए और कितना खाया जाए। प्रोसेस की हुई, पैकेट वाली और ज़्यादा चीनी या तेल वाली चीज़ों से बचने की बात कही गई है।

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